हिन्दी राष्ट्रभाषा नहीं: राज ठाकरे

एक महीने के अंदर मनसे का यह दूसरा हिन्दी विरोधी बयान है। इससे पहले मनसे के ही एक विधायक ने महाराष्ट्र विधानसभा में हिन्दी में शपथ लेने वाले विधायक अबू आज़मी का कड़ा विरोध किया था। उस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ था।
उधर राज ठाकरे की पार्टी हमेशा से ही महाराष्ट्र में रह रहे हिन्दी भाषियों व उत्तर भारतीयों के खिलाफ खड़ी रही है।












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