विवाद के बाद अमर सिंह ने खेद व्यक्त किया
उन्होंने कहा कि वह और अहलूवालिया पुराने सहपाठी और मित्र हैं। सदस्यों की टीका-टिप्पणियों के बीच उन्होंने कहा कि वह और अहलूवालिया पुराने साथी और एक साथ कांग्रेस में रह चुके हैं। सिंह ने कहा कि वह अपने पुराने और निजी संबंधों की वजह से उनके पास उन्हें समझाने गए थे कि इस तरह की नारेबाजी सदन में नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैं अपने सहपाठी और पुराने साथी से माफी मांगता हूं। जो कुछ हुआ मैं उस पर खेद जाहिर करता हूं।"
इसके बाद राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने अहलूवालिया से अपनी बात रखने को कहा। अहलूवालिया ने कहा, "संसद में मुझे 22 साल हो गए। मैने यहां बहुत से पतझड़, वर्षा, वसंत के मौसम गुजारे हैं। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है, नहीं होना चाहिए था।"
उन्होंने कहा, "मैं और अमर कलकत्ता विश्वविद्यालय में साथ में पढ़े हैं। जो आज हुआ, न होता तो अच्छा था।" इसके बाद सदन में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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