लिब्राहन रिपोर्ट पर हंगामा, सदन स्थगित

उल्लेखनीय है कि सोमवार को एक अंगेजी दैनिक ने आयोग की जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा के नेताओं को दोषी ठहराया है। इस मीडिया रिपोर्ट के मद्देनजर नेता प्रतिपक्ष आडवाणी ने लोकसभा में कहा कि आयोग की रिपोर्ट को तत्काल सदन में पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह रिपोर्ट देखकर स्तब्ध हैं।
आडवाणी ने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था लेकिन इसे अस्वीकार करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें बोलने का मौका दिया। आडवाणी के बोलने के बाद भाजपा के सदस्यों की ओर से हंगामा आरंभ हो गया। भाजपा सदस्य रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने की मांग कर रहे थे।
वाजपेयी का भी नाम
लोकसभा में आडवाणी ने कहा कि अखबार की खबर में वाजपेयी का भी नाम लिया गया है। उन्होंने कहा, "मैंने जिस नेता (वाजपेयी) के नेतृत्व में जीवन भर काम किया, उनके बारे में भी रिपोर्ट में कहा गया और इसीलिए मैंने यहां खड़े होने का फैसला किया। वाजपेयी जी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मेरा या मेरी पार्टी का नाम आए तो उसे मैं चुनौती के रूप में स्वीकार करुंगा लेकिन वाजपेयी जी का नाम लिए जाने से मैं स्तब्ध हूं।" लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि छह दिसंबर, 1992 की घटना उनके जीवन की सबसे दुखद घटना है और यह बात उन्होंने आयोग के समक्ष भी कही थी।
आडवाणी के अलावा कुछ अन्य दलों के नेताओं मसलन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वासुदेव आचार्य, बहुजन समाज पार्टी के दारासिंह चौहान ने भी रिपोर्ट को सदन में तत्काल पेश किए जाने की मांग की।
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि लिब्रहान आयोग की जांच रिपोर्ट वर्तमान शीतकालीन सत्र में ही संसद के पटल पर रखी जाएगी। कि गृह मंत्रालय से किसी ने भी इस बारे में किसी से बातचीत नहीं की है।" इस मसले पर हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर दो बजे स्थगित करनी पड़ी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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