'अब्दुल्ला अब्दुल्ला चुनाव से हटे'

अफ़ग़ानिस्तान में रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव में राष्ट्रपति हामिद करज़ई के मुख्य प्रतिद्वंदी अब्दुल्ला अब्दुल्ला दूसरे चरण में खड़े नहीं होंगे.
अब्दुल्ला अब्दुल्ला के वरिष्ठ सलाहकार अहमद वली मसूद ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें नाम हटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि पहले चरण की तरह इस बार भी धाँधली होगी.
अहमद वली मसूद ने कहा, “चुनावी प्रणाली से जुड़ी समस्याओं को लेकर कुछ भी नहीं किया गया है. जिस ढाँचे के कारण धाँधली हुई वो अब भी बरकरार है. करीब 15 लाख वोट फ़र्ज़ी थे. कुछ भी नहीं बदला है. अगर आप दूसरे चरण का मतदान करवाते हैं, दोबारा वही होगा. इसलिए मुझे नहीं लगता कि हम शामिल होने के इच्छुक हैं."
अब्दुल्ला अब्दु्ल्ला ने माँग की है कि अफ़ग़ान चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाया जाए लेकिन हामिद करज़ई ने ये माँग ठुकरा दी है.
अगस्त में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में हज़ारों मतों को अवैध घोषित कर दिया गया था.
धाँधली के आरोप
शिकायतें दर्ज कराने के लिए बना आयोग (ईसीसी) ने इसके बाद क़दम उठाए और नतीजा हुआ ये कि हामिद करज़ई का वोट प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम हो गया जो सीधी जीत के लिए ज़रूरी है. इसका मतलब है कि दूसरे चरण का मतदान ज़रूरी हो गया है. इस आयोग को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन हासिल है.
काबुल में बीबीसी के एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में हामिद करज़ई के एकमात्र प्रतिद्वंदी सात नंवबर के चुनाव से शायद पीछे हट जाएँगे.
इस बात की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने शनिवार की समयसीमा रखी है ताकि निष्पक्ष चुनाव करवाने संबंधी उनकी शर्तें मानी जाएँ.
इन शर्तों में कई मतदान केंद्रों को बंद करना, स्वतंत्र चुनाव आयोग के प्रमुख अज़ीजुल्लाह लोदिन को पाँच दिन के अंदर बर्ख़ास्त करना शामिल है.
पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने अज़ीजुल्लाह लोदिन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं लेकिन वे इससे इनकार कर रहे हैं.












Click it and Unblock the Notifications