सिख सुरक्षा अधिकारी रख सकेंगे पगड़ी, दाढ़ी

अमेरिकी सिखों के एक समूह 'सिख कोएलिशन' ने मंगलवार को कहा कि एक सिख सुरक्षा अधिकारी द्वारा भेद-भाव बरतने का मुकदमा दायर करने के बाद पगड़ी लगाने और दाढ़ी रखने पर लगी रोक हटा ली गई है। इस सिख अधिकारी का कहना था कि वह अपने काम के वक्त न तो पगड़ी बांध सकता है और ना ही दाढ़ी रख सकता है।
मानवाधिकार की बड़ी जीत
इस मुकदमे में हुए फैसले से सिख समुदाय की मानवाधिकारों संबंधी एक बड़ी जीत हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब कानून बनाने वाली एक संघीय संस्था ने सिखों के विश्वास से संबंधित वस्तुओं को अपनाने के प्रति उदारता दिखाई है। 'मेजर गिल' के नाम से मशहूर रघबीर सिंह की शिकायत पर 'सिख कोएलीशन' और सेन फ्रांसिस्को की 'मनवाधिकारों की वकीलों की समिति' की संयुक्त कोशिश से यह मुकदमा दायर किया गया।
मेजर गिल 34 बरस तक भारतीय सेना में काम कर चुके हैं। वह 2004 में अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए थे और 2005 से एक कंपनी 'एनसीएलएन20' में नौकरी शुरू कर फ्रेस्नो स्थित संघीय इमारत की सुरक्षा के लिए 'फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस' (एफपीएस) के साथ काम करने लगे थे।
एफपीएस के सुरक्षाकर्मियों की वर्दी में हैट पहनना और दाढ़ी न रखना जरूरी था। एफपीएस की पहनावे संबंधी नीतियों की वजह से मेजर गिल न तो पगड़ी बांध सकते थे और ना ही दाढ़ी रख सकते थे। एफपीसी की इन नीतियों के खिलाफ मदद के लिए मेजर गिल नवम्बर 2005 में 'सिख कोएलीशन' के पास पहुंचे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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