वज़ीरिस्तान में तीसरे दिन भी लड़ाई जारी

दिलावर ख़ान वज़ीर
बीबीसी संवाददाता, डेरा इस्माईल ख़ान, पाकिस्तान
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े दक्षिण वज़ीरिस्तान में सेना और तालेबान विद्रोहियों के बीच तीसरे दिन भी लड़ाई जारी है. सुरक्षाबलों ने एंगल माल के पहाड़ों पर नियंत्रण करने और चरमपंथियों के आठ ठिकानों के तबाह करने का दावा किया है.
दूसरी ओर सेना और तालेबान दोनों ओर से कहा जा रहा है कि अभियान में उनका कम नुक़सान हुआ है लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक अब तक कई लोग मारे गए हैं.
स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि रविवार से सुरक्षा बलों ने किसी भी इलाक़े में पेश क़दमी नहीं की है और जिन इलाक़ों में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण कर लिया है वहाँ उन्होंने चौकियाँ बना दी हैं.
उन्होंने कहा, "मकीन के करीब एंगल माल के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने रात गए तक पूरा नियंत्रण कर लिया और चरमपंथियों के आठ घरों को भी तबाह किया गया, यह वह घर हैं जहाँ से सुरक्षाबलों के काफ़िलों पर रॉकेट फेंके जा रहे थे."
अधिकारी के अनुसार उत्तर की ओर सुरक्षाबलों ने कोई ख़ास पेश कदमी नहीं की है लेकिन पश्चिम और पूर्व की और से सुरक्षाबल काफी अंदर दाख़िल हो गए हैं. उन्हो ने बताया कि शेरवंग के इलाक़े में सुरक्षाबलों ने एक मज़बूत चौकी बना ली है.
उन्होंने बताया कि तालेबान प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद के पैतृक इलाक़े कोटकी के पहाड़ो पर सुरक्षाबलों ने पहले ही पोज़ीशन संभाल ली थी और अब मंडाना के पहाड़ी इलाक़ों में कई चौकियाँ बना ली हैं.
तालेबान के कई ठिकाने तबाह
अधिकारी के अनुसार इन सभी इलाक़ो में सुरक्षाबलों ने पूरी रात तालेबान के ठिकानों को निशाना बनाया जिस से कई ठिकाने तबाह हो गए.
तयारज़ा इलाक़े में स्थानीय लोगों ने बताया कि फौज शहर में घुस गई है और चारों ओर पहाड़ों में छिपे चरमपंथियों पर हमलों के लिए गनशिप हेलिकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है.
इलाक़े से मिलने वाली ताज़ा सूचना के मुताबिक लड़ाका विमानों ने महसूद क़बीले के कई इलाक़ों में चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया है. ताज़ा कार्रवाई में कई लोगों के हताहत होने की ख़बर है. हालांकि आज़ाद सूत्रों से इस की पुष्टि नहीं हो सकी है.
ग़ौरतलब है कि रविवार को तालेबान के प्रवक्ता आज़म तारिक़ ने बीबीसी से बात करते हुए धमकी दी थी कि वज़ीरिस्तान में शुरु की जाने वाली कार्रवाई केवल वज़ीरिस्तान तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरा देश उसकी चपेट में आएगा.
उन्होंने कहा, "हमारी यूनिट चाहे पंजाब में हों या कहीं और...वह तालेबान के बचाव केलिए कार्रवाई कर सकती है."
दूसरी और रविवार को पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया था कि 24 घंटों के भीतर सुरक्षाबलों ने लगभग 60 चरमपंथियों को मार दिया था.
बयान में बताया गया कि इस अभियान में पांच सुरक्षाकर्मी मारे गए और 11 के करीब घायल हो गए.
इन ख़बरों की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं हो पा रही है क्योंकि पत्रकारों को संघर्ष स्थान के पास जाने नहीं दिया जा रहा है.
उधर सुरक्षा की बिगड़ी हुई स्थिति को देखते हुए इस्लामाबाद और अन्य बड़े शहरों में सेना के अधीन चलने वाले और निजी स्कूलों को तीन से सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.
शहर के निजी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और तीन दिन के बाद ये फैसला किया जाएगा कि स्कूल खोले जाएँ या नहीं.
एक वरिष्ट अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि स्कूलों के प्रबंधन से मुलाक़ात की गई और उन्हें सुरक्षा की मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया गया. उन्हें कहा गया कि स्कूलों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएँ या फिर कुछ दिनों केलिए बंद किए जाएँ.
इस्लामाबाद के एक निजी स्कूल 'रूट्स पब्लिक स्कूल' के निदेशक नदीम चौधरी ने बीबीसी को बताया, "स्कूल के प्रबंधन किसी तरह से यह ख़तरा मोल नहीं ले सकते कि वह इस स्थिति में किसी छात्र की ज़िंदगी को जोखिमं में डाले. इसलिए हमने स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया है."
सेना के अधीन चलने वाले स्कूल 'आर्मी पब्लिक स्कूल' को भी सात के लिए बंद कर दिया गया है.


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