नौसेना में 'ब्लैक पैंथर' अक्टूबर तक

नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया कि इसके पायलटों का प्रशिक्षण अमेरिका और रूस में पूरा हो चुका है। मिग-29के समुद्री और जमीनी ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता से लैस हैं। यह दिन और रात तथा किसी भी मौसम में उड़ान भरने में सक्षम हैं।
एडमिरल गोर्शकोव के लिए वर्ष 2004 में 74 करोड़ डॉलर के सौदे के हिस्से के रूप में इन विमानों की खरीद की गई है। इन विमानों की आपूर्ति वर्ष 2007 में होनी थी लेकिन उसमें दो वर्ष का विलंब हुआ।
नौसेना के अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि चार-चार पायलटों के चार से पांच समूह प्रशिक्षण के लिए अमेरिका भेजे गए। कीव श्रेणी का 45,000 टन का विमानवाहक पोत वर्ष 2011 तक नौसेना में शामिल हो पाएगा और मिग-29 विमानों को इस पर तैनात किया जाएगा।
नौसेना को मिग-29 के एकल सीट वाले 12 लड़ाकू विमान और मिग-29केयूबी दो सीटों वाले चार प्रशिक्षण विमान हासिल होंगे। प्रशिक्षण विमान भी एकल सीट वाले विमान के समान होगा लेकिन उसका संचालन क्षेत्र थोड़ा कम होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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