भारत के मून मिशन पर संकट

इसरो की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "भारतीय समय के अनुसार संपर्क शनिवार सुबह 01.30 बजे टूट गया है। क्योंकि बेंगलुरु से 40 किलोमीटर दूर ब्यालालू में डीप स्पेस नेटवर्क को आखिरी डाटा 00.25 बजे तक का प्राप्त हुआ।"
यान से मिली कई जानकारियां
अंतरिक्ष वैज्ञानिक यान की उप-प्रणालियों की पड़ताल के लिए उसके दूरमापी डाटा (टेलीमेटरी)का विश्लेषण कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि यान ने कक्षा में 312 दिन बिताए हैं और चंद्रमा की 3,400 परिक्रमाएं कीं। यान ने अत्याधुनिक सेंसरों से बड़ी मात्रा में जानकारियां उपलब्ध करवायीं।
इससे पहले 16 मई को चंद्रयान-1 का एक अहम उपकरण स्टार सेंसर ओवर हीटिंग की वजह से काम करने में नाकाम हो गया था। लेकिन चंद्रयान में लगे जाइरोस्कोप को ऐक्टिवेट करके और उसका तालमेल बाकी के इलेक्ट्रो मेकेनिकल डिवाइस के साथ बैठाकर इस समस्या से निपट लिया गया था।












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