1 घंटे के लिए आए पीएम, 2 करोड़ खर्च

झारखंड उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में सुरेश साव नामक व्यक्ति ने संयंत्र के प्रबंधन में मौजूद अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच करवाने व कार्रवाई की मांग की है। पिछले साल 22 अप्रैल को प्रधानमंत्री संयंत्र की विस्तार परियोजना का उद्घाटन करने आए थे। उनके साथ तत्कालीन इस्पात मंत्री रामविलास पासवान भी थे। इस आयोजन पर अधिकारियों ने कुल 1.92 करोड़ रुपए का खर्च दिखाया है।
सूचना के अधिकार से मांगा खर्च का ब्योरा
बोकारो के ही रहने वाले साव ने इससे पहले सूचना के अधिकार के तहत खर्च की जानकारी हासिल की। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि उनको जो जानकारी दी गई उससे अधिकारियों द्वारा की गई वित्तीय धांधली का पता चलता है।
उन्हें जानकारी दी गई कि कार्यक्रम के प्रबंधन के लिए एक कंपनी को 1.41 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा स्टेज के निर्माण पर 9.27 लाख, बच्चों के लिए टोपी खरीदने पर 1.04 लाख और टेंट हाऊस और अन्य चीजों में 18.05 लाख रुपये खर्च हुए। बिस्कुट और अन्य चीजों की खरीद पर 4.08 लाख रुपये खर्च हुए। इस मुद्दे पर संयंत्र के अधिकारियों से कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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