फिर निकला कंधार का जिन्न, भाजपा-कांग्रेस आमने सामने
जसवंत ने एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में कहा था, "मैं पहली बार इस बात का खुलासा कर रहा हूं कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दो मंत्रियों आडवाणी और अरुण शौरी ने किसी भी कीमत पर आतंकवादियों को छोड़े जाने का विरोध किया था।"
बहरहाल, कांग्रेस ने जसवंत के इस खुलासे के समय पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा है कि आडवाणी को इस मामले में पाक साफ साबित करने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि वह भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जसवंत सिंह का बयान जिस समय पर आया है वह संदेह पैदा करने वाला है। उन्होंने आडवाणी को बचाने की कोशिश की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पार्टी कार्यसमिति के स्थायी सदस्य देवेन्द्र नाथ द्विवेदी ने कहा, "आतंकवादियों को छोड़ने के लिए तत्कालीन सरकार का हर मंत्री जिम्मेदार है। आडवाणी ने पहले यह कह कर कि उन्हें आतंकवादियों को छोड़े जाने की जानकारी ही नहीं है, भ्रम पैदा किया और अब जसवंत सिंह आडवाणी को क्लीन देने में जुटे हैं।"
उल्लेखनीय है कि भाजपा जब भी आतंकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश करती है तो कांग्रेस की ओर से कंधार का जिन्न बाहर कर दिया जाता है। मौजूदा लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा की बीच तीखी नोकझोंक हुई। यहां तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दिनों कहा था कि भाजपा के 'लौह पुरूष' भी आतंकवादियों के छोड़ने के दौरान पिघल गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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