गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में फिर फूट, भारतीय गोंडवाना पार्टी का गठन
गोंडी जनजाति के हितों की लड़ाई लड़ने के लिए 1991 में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का गठन किया गया था। 2003 में पहली बार पार्टी में दरार पड़ी और उर्मिला मारको ने राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी का गठन किया। वर्ष 2003 का विधान सभा चुनाव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस चुनाव में पार्टी के तीन विधायक विधान सभा में पहुंचे। वर्ष 2007 में गुलजार सिंह मरकाम ने गोंडवाना मुक्ति सेना के नाम से नए दल का गठन कर लिया।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संस्थापकों में से एक मनमोहन शाह बट्टी ने अब भारतीय गोंडवाना पार्टी का गठन करने का एलान कर दिया है। उनका दल गोंडी भाषा, क्षेत्र और संस्कृति की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने एलान किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी मध्य प्रदेश सहित 14 राज्यों में उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।
नई पार्टी के मुखिया बट्टी ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नियम और संविधान में आमूलचूल परिवर्तन के भी संकेत दिए हैं। आगामी रणनीति वे जल्दी ही तय करने वाले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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