'सत्यम से पैसे इधर-उधर हुए हैं'

उन्होंने बताया कि कंपनी की बैलेंस शीट में जो तथ्य और आँकड़े दिए गए हैं, वो ग़लत सूचना पर आधारित हैं.
इस महीने के शुरू में सत्यम के चेयरमैन रहे रामालिंगा राजू ने स्वीकार किया था कि कंपनी के मुनाफ़े को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जा रहा था.
रामालिंगा राजू इस समय पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है. सरकार ने सत्यम के बोर्ड का पुनर्गठन किया है और कंपनी को पटरी पर लाने की कोशिश भी की जा रही है.
'ग़लत काम'
प्रेमचंद गुप्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मामला कंपनी के पैसे इधर-उधर करने का है. बैलेंस शीट में ग़लत तथ्य और आँकड़े पेश किए गए हैं. ग़लत काम तो बहुत हुआ है."
प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मामला कंपनी के पैसे इधर-उधर करने का है. बैलेंस शीट में ग़लत तथ्य और आँकड़े पेश किए गए हैं. ग़लत काम तो बहुत हुआ है प्रेमचंद गुप्ता
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रामालिंगा राजू के राजनेताओं के साथ कथित संबंधों के मद्देनज़र मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के बारे में उन्होंने कहा, "अभी तक ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है. जो भी ज़रूरी होगा, किया जाएगा. सरकार ने सत्यम की आठ सहायक कंपनियों की जाँच के आदेश दिए हैं."
हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्यम के बारे में जो पहली सूचना मिल रही है, उससे यही पता चल रहा है कि कंपनी पर बहुत ज़्यादा ऋण नहीं है.
प्रेमचंद गुप्ता ने कहा कि सूचना के हिसाब से कंपनी पर बैंकों या वित्तीय संस्थाओं का ज़्यादा ऋण नहीं है.












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