'जानकारी में अच्छे-ख़ासे सुराग़'

मुंबई हमलों की जाँच को लेकर शनिवार को गृह मंत्रालय में एक बैठक हुई, जिसमें जाँच के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई.
भारत ने जो जानकारी दी है, उसमें अच्छे-ख़ासे सुराग़ हैं. हम उन सुराग़ों को आगे लेकर बढ़ रहे हैं. सबूत का मतलब ऐसी चीज़ों से होता है, जिसे आप अदालत में ले जा सकें. इसलिए हम ऐसा नहीं करना चाहते जिससे देश की बदनामी हो रहमान मलिक
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इस बैठक की अध्यक्षता रहमान मलिक ने की और इस बैठक में जाँच आयोग के सदस्य भी मौजूद थे. बैठक के बाद रहमान मलिक ने पत्रकारों को बताया कि जाँच आयोग से कहा गया है कि जाँच की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट 10 दिनों के अंदर पेश की जाए.
रहमान मलिक ने बताया कि भारत से मिली जानकारी के आधार पर इस जाँच आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है और जाँच में यह जानकारी काफ़ी अहम है.
जाँच समिति
उन्होंने कहा, "भारत ने जो जानकारी दी है, उसमें अच्छे-ख़ासे सुराग़ हैं. हम उन सुराग़ों को आगे लेकर बढ़ रहे हैं. सबूत का मतलब ऐसी चीज़ों से होता है, जिसे आप अदालत में ले जा सकें. इसलिए हम ऐसा नहीं करना चाहते जिससे देश की बदनामी हो."
पाकिस्तान ने मुंबई हमलों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसने जाँच भी शुरू कर दी है. इस सिलसिले में भारत को भी औपचारिक रूप से अवगत करा दिया गया है.
रहमान मलिक ने बैठक की अध्यक्षता की
रहमान मलिक ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि गिरफ़्तार किए गए किसी भी व्यक्ति को भारत के हवाले नहीं किया जाएगा और इन लोगों के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी क़ानून के तहत ही कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि भारत ने मुंबई हमलों में शामिल लोगों की सूची 42 दिनों में बनाई है और उन्हें उम्मीद है भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को जाँच के लिए कुछ समय देगा.
रहमान मलिक ने मुंबई हमलों की जाँच के लिए संयुक्त आयोग के गठन की बात भी दोहराई.
इस बीच भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की है.
राष्ट्रपति ज़रदारी ने एक बार फिर कहा है कि पाकिस्तान का कोई भी नागरिक मुंबई हमलों में शामिल हुआ पाया जाएगा, तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी.












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