बाल भिखारियों के लिए 1098 डायल करें
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। राजधानी में किसी चौराहे पर आपकी कार की खिड़की के पास कोई यदि छोटा-सा बच्चा कुछ मांगने के लिए हाथ फैलाए तो आप अपना मोबाइल फोन उठाइए और 1098 पर फोन कीजिए।
दिल्ली सरकार ने राजधानी को बाल भिखारियों से मुक्त करने और उनके कल्याण के लिए एक नया कदम उठाया है। राजधानी दिल्ली में लगभग 58,000 भिखारी हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे हैं। उनके माता-पिता भी उनके साथ होते हैं।
दिल्ली के समाज कल्याण व श्रम मंत्री मंगत राम सिंघल ने आईएएनएस से कहा, "बच्चों का भीख मांगना एक तरह का रोग है।"
सिंघल ने कहा कि इस नंबर पर फोन करने वाले को उस स्थान के बारे में विस्तृत ब्योरा देना होगा।
इस नंबर को वर्ष 1998 में एक बाल हेल्पलाइन के रूप में शुरू की गई थी। लेकिन फरवरी से इसका इस्तेमाल बाल भिखारियों की समस्या के लिए किया जाएगा। इस काम में गैरसरकारी संगठन के कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा। ये कार्यकर्ता राजधानी में पांच क्षेत्रों में बंटे होंगे।
हालांकि पुलिस हेल्प लाइन की तरह इस मामले में बचाव दल के लोग फोन करने के बाद तत्काल घटना स्थल पर उपस्थित नहीं होंगे।
सिंघल ने आईएएनएस को बताया, "जो बच्चे स्थायी रूप से भीख मांगने का काम करते हैं, उनके निश्चित स्थलों की पहचान की जाएगी। उसके बाद बचाव दल के लोग आकर उन्हें ले जाएंगे।"
सिंघल ने कहा, "हमें उम्मीद है कि इसके अलावा भी हम इस समस्या का कोई स्थाई समाधान प्रस्तुत कर पाएंगे क्योंकि यह स्थायी समाधान नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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