बिहार में हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरायीं (लीड-1)
राजधानी पटना के प्रमुख अस्पतालों में जहां मरीजों का तांता लगा रहता था वहां अब गिने-चुने मरीज देखे जा रहे हैं। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) तथा नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में पुलिस की तैनाती के बीच मरीजों का पंजीयन कराया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में उचित देखभाल के अभाव में मरीज पलायन कर रहे हैं। औरंगाबाद जिले से इलाज करवाने के लिए पीएमसीएच पहुंचे एक मरीज कामेश्वर प्रसाद के पुत्र रंजन का मानना है कि यहां कम खर्च में इलाज हो जाता था परंतु अभी यहां कोई सुविधा नहीं है।
पीएमसीएच की स्थिति यह है कि पहले यहां बिस्तर खाली होने का इंतजार करना पड़ता था परंतु आज कई बिस्तर खाली पड़े हैं। हड़ताल की वजह से ऑपरेशन और अन्य जरूरी सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। अपनी मांगें पूरी नहीं होते देख हड़ताली कर्मचारी दूसरे कर्मचारियों को भी काम करने से रोक रहे हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पीएमसीएच तथा एनएमसीएच में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
पीएमसीएच के अधीक्षक ओम प्रकाश चौधरी भी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात स्वीकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में शुक्रवार को पंजीयन काउंटर खोला गया जिसमें लगभग एक हजार मरीजों ने पंजीकरण कराया।
उल्लेखनीय है कि छठे वेतनमान को केन्द्र सरकार की तर्ज पर लागू करने की मुख्य मांग को लेकर राज्यभर के अधिकांश कर्मचारी अराजपत्रित कर्मचारी महासंघों और राज्य सचिवालय संघ के आह्वान पर सात जनवरी से ही हड़ताल पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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