समाजवादी पार्टी से ही लड़ेंगे संजय दत्त

उन्होंने कहा, "मेरे बड़े भाई अमर सिंह जी ने कहा कि मुझे लोगों की सेवा करनी चाहिए और मैंने पाया कि मैं ऐसा कर सकता हूँ."
गत आठ जनवरी को जब समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह यह घोषणा करके लोगों को चौंका दिया था कि संजय दत्त लखनऊ से उनकी पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.
इसके बाद से इस पर तरह-तरह के बयान आते रहे, जो राजनीतिक दलों से भी थे और संजय दत्त की सांसद बहन प्रिया दत्त की ओर से भी.
संजय दत्त ख़ुद इस पर चुप्पी साधे हुए थे और उन्होंने दो दिनों पहले सिर्फ़ इतना कहा था कि अभी उन्होंने इसका फ़ैसला नहीं किया है.
लेकिन शुक्रवार की शाम उन्होंने अमर सिंह के साथ एक पत्रकारवार्ता में बाक़ायदा इस बात की घोषणा कर दी कि वे लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं.
हालांकि अभी उनके चुनाव लड़ने के रास्ते में मुंबई विस्फोटों के मामले में उनको हुई सज़ा का मामला अटका हुआ है.
1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में एक विशेष टाडा अदालत ने 'आर्म्स एक्ट' के तहत संजय दत्त को छह साल की सज़ा सुनाई थी.
संजय दत्त इस समय सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद से जेल से बाहर हैं.
हालांकि सुपरिचित वकील माजिद मेनन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेकर संजय दत्त चुनाव लड़ सकते हैं. उनकी राय में यह कोई बड़ी अड़चन नहीं है.
'सपा-कांग्रेस में फ़र्क नहीं'
संजय दत्त ने कहा, "मैं चुनाव लड़ रहा हूँ. हालांकि मैं राजनीतिज्ञ नहीं हूँ लेकिन एक राजनीतिक परिवार से हूँ."
उन्होंने कहा कि जब उन्हें अमर सिंह ने कहा कि उन्हें चुनाव लड़कर लोगों की सेवा करनी चाहिए तो उन्होंने अपने आपको बहुत सम्मानित महसूस किया.
उनका कहना था, "बड़े भाई का हुकुम था मैं टाल नहीं सकता."
इस सवाल पर कि उनके पिता कांग्रेस के सांसद रहे और उनकी माँ भी कांग्रेस की सदस्य रही हैं तो वो क्यों समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में कोई बहुत फ़र्क नहीं है. दोनों के बीच समझौता है और समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस की सरकार को कठिन समय में बचाया था."
उनका कहना था कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव भी मिलकर लड़ने वाले हैं.












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