राजीव गांधी हत्याकांड की जांच टीम में थे एनआईए प्रमुख राजू
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (आईएनए) के पहले प्रमुख राधा विनोद राजू पर्दे के पीछे से काम करना पसंद करने वाले अधिकारी हैं और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में तमिल चीतों का हाथ होने की जांच की थी।
इस जुलाई में 60 वर्ष का होने जा रहे राजू को जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में काम करने का अनुभव है।
उनके साथ काम कर चुके पुलिस और खुफिया अधिकारी राजू को कड़ी मेहनत करने वाले ईमानदार अधिकारी के रूप में जानते हैं। उन्हें उनकी तेज याददाश्त और विश्लेषण क्षमता के कारण भी जाना जाता है।
राजू अपनी नई नियुक्ति के बारे में बात करने से हिचकते हैं। जम्मू से आईएएनएस से टेलीफोन पर राजू ने कहा कि वे दिल्ली जाकर सारे मामले को समझेंगे और सरकार तथा अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।
केरल से विज्ञान में स्नातक राजू का जन्म 27 जुलाई 1949 को हुआ था। राजू कोंकणी, अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और मलयालम भाषाएं जानते हैं। वर्ष 1975 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने वाले राजू इसके पहले बैंक ऑफ इंडिया में काम करते थे।
जम्मू-कश्मीर कैडर के राजू को वर्ष 1991 में राजीव गांधी की हत्या के मामले की जांच के लिए बनाए गए सीबीआई के विशेष दल में शामिल किया गया था।
इस प्रक्रिया में राजू ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) से संबंधित पूरी जानकारी हासिल की। राजू वर्ष 1998 में जम्मू-कश्मीर लौटे और अपराध शाखा के महानिरीक्षक के रूप में एक साल और जम्मू क्षेत्र के महानिरीक्षक के रूप में ढाई साल काम किया।
उन्होंने कुछ समय के लिए उधमपुर में जम्मू- कश्मीर पुलिस अकादमी के प्रमुख का कार्यभार भी संभाला। राजू को सितम्बर 2008 में जम्मू-कश्मीर का पुलिस महानिदेशक बनाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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