राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है झारखंड : कांग्रेस (लीड-1)
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता आलोक दुबे ने आईएएनएस को नई दिल्ली से फोन पर बातचीत में कहा, "झारखंड राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है। झामुमो राज्य को राष्ट्रपति शासन की ओर धकेल रहा है।"
उन्होंने कहा, "मौजूदा राजनीतिक संकट के समाधान के लिए झामुमो कोई प्रयत्न नहीं कर रहा है। वह चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ी हुई है जबकि चंपई संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को स्वीकार नहीं हैं।"
दुबे ने कहा कि इस समस्या के हल के लिए झामुमो नेताओं को दिल्ली आकर संप्रग के केंद्रीय नेतृत्व से बात करनी चाहिए और कोई समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। झामुमो यदि चंपई के नाम पर अड़ा रहा तो राज्य में राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
उल्लख्ेानीय है कि शुक्रवार को संप्रग नेताओं का एक समूह मौजूदा राजनीतिक संकट पर केंद्रीय नेताओं से चर्चा के लिए दिल्ली गया है।
इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को राजभवन के बाहर प्रदर्शन कर सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की।
झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पशुपतिनाथ सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "शिबू सोरेन गत 8 जनवरी को तमाड़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हार गए। इसके बाद 12 जनवरी को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। तब से लेकर अब तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) वैकल्पिक सरकार बनाने में विफल रही है। हम सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा का चुनाव कराने की मांग करते हैं।"
पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता अर्जुन मुंडा ने कहा, "मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति पर राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी मौन क्यों हैं? वे क्यों कोई कदम नहीं उठा रहे हैं? जब किसी पार्टी या किसी गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है तो वे कुछ करते क्यों नहीं?"
उल्लेखनीय है कि सोरेन के इस्तीफे के बाद संप्रग में सरकार के गठन और मुख्यमंत्री को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। सोरेन चाहते हैं कि मुख्यमंत्री उन्हीं की पार्टी का कोई बने जबकि संप्रग का केंद्रीय नेतृत्व मधु कोड़ा को फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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