उत्तरप्रदेश तक फैली हैं डीडीए घोटाले की जड़ें
दिल्ली पुलिस का कहना है कि गुरुवार को इस मामले में गिरफ्तार डीडीए के सेवानिवृत्त कर्मचारी एम. एल. गौतम ने आवंटन के लिए फर्जी आवेदनों में बुलंदशहर का विवरण दिया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने इस मामले में आगे की जांच के लिए एक टीम बुलंदशहर भेजी है।"
दरअसल, गुरुवार को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गौतम और राजू राम नाम के एक प्रापर्टी डीलर को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को ही दोनों को रोहिणी की जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने गौतम को आठ दिनों और राजू को दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त एस. बी. के. सिंह ने संवाददाताओं को बताया "गौतम ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी में फ्लैटों के आवंटन के लिए 1,200 से अधिक आवेदन किए थे। उसे 40 फ्लैटों का आवंटन भी हुआ था।"
उन्होंने यह भी कहा था कि अभी पूरी जानकारी नहीं मिली है लेकिन यह एक बड़ा मामला है और बड़े पैमाने पर जांच की जरूरत है।
आरोपी गौतम राजधानी के पश्चिम विहार इलाके का निवासी है। वह डीडीए के टेलीफोन विभाग में काम कर चुका है। उसने वर्ष 2005 में अवकाश ग्रहण किया था।
डीडीए के फ्लैट आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले राजस्थान के झुंझुनू से लक्ष्मीनारायण मीणा और दिल्ली के दीपक कुमार की गिरफ्तारी हुई थी।
पुलिस के अनुसार गौतम ने ही दीपक और सुरेश के साथ मिलकर आरक्षित श्रेणी में कुल 2,000 से अधिक आवेदन किए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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