भारतीय नेताओं के बयान दुर्भाग्यपूर्ण: पाकिस्तान
मुहम्मद नजीब
इस्लामाबाद, 15 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार ने भारतीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान को 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान द्वारा मुंबई में आतंकवादी हमलों के दोषियों को पकड़ने में नाकाम रहने की सूरत में उसके साथ व्यापार और परिवहन संपर्क तोड़ लेने की चेतावनी दी है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को एक प्रश्न के जवाब में कहा, "जिम्मेदार भारतीय नेताओं और राजनीतिक एवं सैन्य प्रतिष्ठानों के वरिष्ठ अधिकारियों के बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।"
बुधवार रात को जारी बयान में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण एशिया में तनाव घटाने के लिए पाकिस्तान हरसंभव प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार कहता आया है कि पाकिस्तान मुंबई हमलों की जांच में भारत को सहयोग देने को तैयार है।
उन्होंने कहा, "अभी मंगलवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने नेशनल असेंबली को सूचित किया था कि भारत से मिली जानकारियां जांच के लिए गृहमंत्रालय के सौंप दी गई हैं और उनके नतीजों से भारत सरकार को अवगत कराया जाएगा।"
प्रवक्ता ने खेद जाहिर करते हुए कहा, "पाकिस्तान की ओर से दिए गए सकारात्मक प्रस्तावों तथा क्षेत्र में आतंकवाद से निपटने के लिए की गई गंभीर, ठोस और व्यवहारिक पेशकश के बावजूद भारत तनाव बढ़ा रहा है।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक और राजनीतिक अभियान चलाने की बजाए बेहतर यही होगा कि दोनों देश क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
लंदन के 'टाइम्स' समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा था कि अगर पाकिस्तान 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में पाकिस्तानी तत्वों का हाथ होने के बारे में यूं ही ना-नुकुर करता रहा तो भारत उससे से सभी तरह के रिश्ते तोड़ने पर विचार कर सकता है।
सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने बुधवार को कहा था कि मुंबई हमलों के सूत्रधारों के खिलाफ कार्रवाई से पाकिस्तान द्वारा इंकार करने के बाद सभी विकल्प खुले हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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