सेबी को राजू से पूछताछ की अनुमति पर फैसला शुक्रवार को
सेबी ने रामलिंगा राजू से पूछताछ के लिए 12 जनवरी को अदालत में याचिका दायर की थी। अदालत ने मामले की सुनवाई 16 जनवरी तक स्थगित कर दी थी। राजू 23 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में हैं।
राजू और उनके भाई रामा राजू और सत्यम के पूर्व प्रमुख वित्तीय अधिकारी वदलामणि श्रीनिवास की जमानत याचिकाओं और राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) द्वारा इन लोगों को 15 दिन की हिरासत में मांगने की याचिकाओं पर भी 16 जनवरी को अदालत सुनवाई करेगी।
सेबी के अधिकारियों को आशा है कि यदि अदालत ने राजू बंधुओं को सीआईडी की हिरासत में भेजा तो उनको रामलिंगा राजू से पूछताछ की अनुमति मिल जाएगी।
राजू के धोखाधड़ी स्वीकार करने के एक दिन बाद से ही सेबी ने अपनी जांच आरंभ कर दी है लेकिन अभी तक सेबी राजू से पूछताछ करने में असफल रही है।
राजू के वकील एस.भरत कुमार ने सेबी को आश्वासन दिया था कि राजू सेबी के सामने 10 जनवरी को शाम चार बजे पेश होंगे। कु छ घंटे बाद ही सीआईडी ने राजू के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद राजू बंधुओं ने सीआईडी कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया और उनको एक मजिस्ट्रेट ने 23 जनवरी तक जेल भेज दिया।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सीआईडी की कार्रवाई से राजू को सेबी के सामने पेश होने के मार्ग में अड़चनें पैदा हो रही हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि राजू के राजनीतिक संपर्क उनको बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री वाई.एस.राजशेखर रेड्डी ने कहा कि इस मामले में सीआईडी की कार्रवाई से अन्य एजेंसियों की जांच में बाधा नहीं आएगी। वे आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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