आईसीसीआर भारतीय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का प्रयास तेज करेगी
चेन्नई, 10 जनवरी(आईएएनएस)। भारतीय संस्कृति को दुनिया भर में बढ़ावा देने के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद(आईसीसीआर) का बजट बढ़ा दिया गया है। सांसद कनीमोझी करुणानिधि ने प्रवासी भारतीय दिवस समारोह में 'भाषायी और सांस्कृतिक संरक्षण' विषय पर आधारित एक व्याख्यान सत्र में इसकी जानकारी दी।
समारोह के आखिरी दिन आयोजित इस सत्र की अध्यक्षता करते हुए कनीमोझी ने कहा, "हमें संस्कृति को समग्रता में देखना होगा। लोग क्या चाहते हैं, इसका पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। लोगों पर सिर्फ एक ही भाषा थोपना ठीक नहीं , क्योंकि यह भारत के बहुलवादी चरित्र के खिलाफ होगा। हमें खुशी है कि भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को लोकप्रिय बनाने के लिए आईसीसीआर को अधिक वित्तीय संसाधन दिए गए हैं।"
इस मौके पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल पी.सी. अलेक्जेंडर ने कहा, "दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय हमारी संस्कृति के वाहक और सरंक्षक हैं। इन लोगों ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण में भारत में रहने वाले लोगों की तुलना में अधिक योगदान दिया है। प्रवासी समुदाय के लोगों को सांस्कृतिक संरक्षण के लिए प्रेरित करने की कभी जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि वे हमेशा से इसके प्रति सजग रहे हैं।"
इस मौके पर सिंगापुर के कानून मंत्री क़े षण्मुगन और फिजी की साउथ पैसिफिक यूनिवर्सिटी के उपकुलपति राजश्ष चंद्रा ने भी भारतीय संस्कृति और भाषाओं की जीवंतता पर प्रकाश डाला।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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