बेलूर मठ के प्रमुख से चर्चा के बाद दिया था जिन्ना के बारे में बयान : आडवाणी
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर 'रंगनाथानंद के चरणों में' शीर्षक से लिखा है कि कोलकाता के बेलूर मठ में उनसे वर्ष 2003 में चर्चा हुई थी।
आडवाणी ने कहा, "मई-जून 2005 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान जिन्ना के बारे में मेरी टिप्पणी में स्वामीजी से हुई इस चर्चा ने अवचेतन के रास्ते महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।"
अपनी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।
आडवाणी ने पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना को इतिहास बनाने वाले कुछ लोगों में से एक बताते हुए कहा था कि वे (जिन्ना) एक ऐसा धर्मनिरपेक्ष राज्य बनाना चाहते थे जहां का हर नागरिक अपनी पसंद के धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र हो।
आडवाणी का रंगनाथानंद के साथ संपर्क कराची से शुरू हुआ। दरअसल, आडवाणी का जन्म कराची में हुआ था और वे वहां करीब 20 वर्षो तक रहे। रंगनाथानंद उस वक्त रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए करीब छह वर्षो तक कराची में रहे थे।
आडवाणी ने कहा, "पिछली चर्चा हमारी कराची के दिनों पर आधारित थी। उस वक्त विभाजन और मोहम्मद अली जिन्ना की भूमिका की वजह से कराची की स्थिति तेजी से बदल रही थी।"
आडवाणी ने लिखा है, "11 अगस्त 1947 को पाकिस्तानी संविधान सभा में जिन्ना के भाषण का हवाला देते हुए स्वामीजी ने कहा था कि इस भाषण से धर्मनिरपेक्षता का सही अर्थ निकाला जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications