मुझे प्रधानमंत्री पद से परहेज नहीं : शेखावत
उपराष्ट्रपति बनने तक भाजपा के सदस्य रहे शेखावत ने स्टार न्यूज के साप्ताहिक कार्यक्रम 'जो कहूंगा, सच कहूंगा' में कहा कि प्रधानमंत्री का पद मिले तो किसे परहेज होगा।
शेखावत ने कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है और इससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अच्छा आया तो आडवाणी प्रधानमंत्री बनेंगे। उनके चुनाव लड़ने से इसमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण से जनता के बीच क्या हवा बनती है और उसका क्या असर होता है, यह समय बताएगा। उन्होंने आडवाणी को प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा का अच्छा उम्मीदवार बताया लेकिन जब राजग प्रत्याशी के रूप में आडवाणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके और आडवाणी के बीच रत्ती भर खटास नहीं है लेकिन अगर खटास आती है तो आडवाणी पर निर्भर होगा।
शेखावत ने कहा कि वे अभी किसी पार्टी में नहीं हैं और न ही कोई नई पार्टी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार को लेकर उनके बयान से पार्टी में तूफान आना चाहिए। भाजपा में इस तूफान से सुधार होगा, नहीं तो उसका विनाश हो जाएगा।
शेखावत ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय से बड़ी रकम की चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि इससे पार्टी की बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए कि पैसा कहां से आया और कैसे चोरी गया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले चोरी का सच जनता के सामने रखना आवश्यक है।
शेखावत ने कहा कि भाजपा के 'ऑफ द रिकॉर्ड' बात करने वाले नेताओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने चेताया कि अगर भाजपा में ऑफ द रिकॉर्ड बात करने वालों का बोलबाला हो गया तो पार्टी डूब जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी स्वस्थ होते तो भाजपा की यह हालत नहीं होती।
शेखावत ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखी है जिसमें उस 22 हजार करोड़ रुपए के घोटाले की जांच की मांग गई है जिसे कांग्रेस ने चुनाव के दौरान मुद्दा बनाया था। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार इसकी जांच के लिए आयोग का गठन कर रही है। आयोग से जांच में समय लगेगा और देरी से हुआ न्याय, न्याय न मिलने के जैसा होता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार को भ्रष्टाचार के उन मामलों में एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए जिनकी जांच पुलिस कर सकती है।
उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनाने में उनकी भी भूमिका थी लेकिन आज उन्हें अपनी उस भूमिका पर दुख होता है। उन्होंने कहा कि यह गलती तभी सुधरेगी जब वसुंधरा की सारी संपत्ति का ब्योरा जनता के सामने आ जाए।
शेखावत ने कहा कि राजस्थान के ही भाजपा नेता कैलाश मेघवाल ने वसुंधरा सरकार पर 5000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। तब आडवाणी, जसवंत सिंह और राजनाथ सिंह उनके पास आए और कहा कि पार्टी मेघवाल को निकालना चाहती है। शेखावत ने बताया कि उन्होंने उन लोगों से कहा कि मेघवाल के आरोपों की जांच करवा लें, अगर आरोप सच निकले तो दोषियों पर कार्रवाई हो और आरोप झ्झूठे हों तो मेघवाल पर, लेकिन पार्टी ने उनकी सलाह नहीं मानी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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