बांग्लादेश में मुजीब की घर वापसी की वर्षगांठ मनाई गई
मुजीब 1972 में पाकिस्तान की एक जेल से रिहा होकर घर लौटे थे। इस घटना की याद में अवामी लीग व इसके विभिन्न संगठनों और दूसरे सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने कार्यक्रमों का आयोजन किया। पूर्वी पाकिस्तान के अधिकारियों ने मुजीब की स्पष्ट चुनावी जीत के बावजूद उन्हें सत्तारूढ़ होने से न सिर्फ रोका, बल्कि उन्हें 25 मार्च, 1971 को सलाखों के भीतर कर दिया। बाद में उन्हें पश्चिमी पाकिस्तान की एक जेल में भेज दिया गया।
16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान पर जीत और पूर्वी पाकिस्तान, जिसे बांग्लादेश कहा जाता है, की मुक्ति के बाद पाकिस्तान सरकार को मुजीब को रिहा करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
उनकी रिहाई की 36वीं वर्षगांठ के मौेके पर शेख हसीना ने कहा, "आज हम इस देश को आधुनिक और विकासोन्मुख बनाए रखने का प्रण लेते हैं। मेरी सरकार लोक कल्याणकारी उसूलों पर अमल करेगी। आज का दिन राष्ट्र के विकास की रफ्तार को और तेज करने का प्रण लेने का है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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