सुखोई विमान होंगे ब्रह्मोस मिसाइल दागने की क्षमता से लैस
नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना के दो सुखोई-30 एमकेआई युद्धक विमानों को मिसाइल दागने की क्षमता से लैस करने के लिए रूस भेजा गया है। इन्हें भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को दागने की क्षमता से लैस किया जा रहा है।
ब्रह्मोस एरोस्पेस, जिसने इस पराध्वनिक प्रक्षेपास्त्र का विकास किया है, के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सुखोई-30 एमकेआई को ब्रह्मोस के हवा में मार करने वाले संस्करण को छोड़ने की क्षमता से लैस किया जाएगा। इसके लिए दो विमानों को रूस भेजा गया है। इससे वायु सेना की मारक क्षमता में इजाफा होगा। यह फैसला वायु सेना और सुखोई कंपनी के अधिकारियों से बातचीत के बाद लिया गया है।"
उन्होंने बताया कि जैसे ही यह जेट विमान 50 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचेगा, वह मिसाइल दागने में पूरी तरह सक्षम हो जाएगा। विमान से आसानी से लक्ष्य को भेदा जा सकेगा। ब्रह्मोस का यह संस्करण करीब नौ मीटर लंबा है, लेकिन इसे सुखोई से दागे जाने योग्य बनाने के लिए इसमें सुधार की जरूरत है। सुखोई कंपनी इस विमान की पांचवी पीढ़ी के विकास में लगी है, ऐसे में मिसाइल को इसके मुताबिक भी ढालने की जरूरत होगी। इसमें तकनीकी बदलाव की यह प्रक्रिया 2010 के शुरू तक पूरी हो जाएगी।
मिसाइल के जमीनी और समुद्री संस्करणों को थल सेना और नौसेना में शामिल किया जा चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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