अर्धसैनिक बलों की ओर से होने वाले मानवाधिकार उल्लंघनों में दोगुनी वृद्धि
नई दिल्ली, 9 जनवरी(आईएएनएस)। पिछले पांच वर्षो में अर्धसैनिक बलों की ओर से होने वाले मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) आवेदन के तहत प्राप्त एक सूचना में गृह मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
इस आवेदन के तहत गृह मंत्रालय की ओर से दी गई एक सूचना में यह स्वीकार किया गया है कि इन मामलों में बढ़ोतरी हुई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, "अर्धसैनिक बलों में लैंगिक या संगठन स्तर पर आंकड़ा तैयार नहीं रखा जाता है, लेकिन यह सही है कि इन मामलों में वृद्धि हुई है। वर्ष 2006-07 में ऐसे 173 मामले दर्ज हुए थे, जो 1 जनवरी, 2008 तक बढ़कर 180 हो गए।"
अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच वर्षो में ऐसे 591 मामले दर्ज हुए। इस अवधि में इन मामलों में करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई। आयोग ने इसमें से पांच मामलों का संज्ञान लिया और भुक्तभोगियों को 7,50,000 लाख रुपये का मुआवजा देने की सिफारिश की।
अवधि 2007-08 में अर्धसैनिक बलों ने कुल 56 मामलों का निपटारा किया। उन्होंने 68 मामलों को खारिज कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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