बलात्कार के आरोपी के लिए पुलिस हिरासत नहीं मांगी गई
पणजी, 12 नवंबर (आईएएनएस)। गोवा की बाल अदालत में पुलिस द्वारा बलात्कार के आरोपी मंत्री पुत्र रोहित की पुलिस हिरासत के बदले न्यायिक हिरासत की मांग के मामले ने लोगों को सकते में डाल दिया है।
गोवा बाल अदालत के अध्यक्ष डेसमोंड डी कोस्टा ने रोहित के जमानत आदेश में लिखा कि "आरोपी को आगे के रिमांड के लिए प्रस्तुत किया गया है और पुलिस उसका रिमांड न्यायिक हिरासत में चाहती है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि जांच के लिए उसे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।''
गोवा पुलिस द्वारा पुलिस हिरासत के बदले न्यायिक हिरासत की मांग ही आरोपी की सशर्त जमानत का कारण बना।
पीड़िता की मां की तरफ से वकील एरीस रोड्रिग्स के अनुसार इस तरह की चूक स्वाभाविक नहीं है। यह रोहित को सलाखों से बाहर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा रचा गया षड़यंत्र था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बलात्कार के किसी मामले में पुलिस हिरासत की मांग न करना आश्चर्यजनक है।
बहरहाल, मुंबई उच्च न्यायालय की पणजी खंडपीठ ने 20 नवंबर तक इस मामले में पुलिस द्वारा की गई जांच की प्रगति की जानकारी तलब की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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