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श्रीलंकाई तमिलों के लिए अधिकतम अधिकार चाहता है भारत

By Staff
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प्रधानमंत्री के विशेष विमान से, 1 अगस्त (आईएएनएस)। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि भारत श्रीलंका में रहने वाले तमिल अल्पसंख्यकों को अधिकतम अधिकार सौंपे जाने के पक्ष में है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के 15 वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने कोलंबो पहुंचे संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम चाहते हैं कि श्रीलंकाई तमिलों को अधिकारों का अधिकतम हस्तांतरण किया जाए।"

अधिकारी ने कहा कि वर्षो से श्रीलंका जातीय संघर्ष में उलझा हुआ है, हालांकि अब वह संघ बनने की ओर अग्रसर है लेकिन फिर भी अभी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।

श्रीलंका की सैन्य स्थितियों के बारे में चर्चा करते हुए अधिकारी ने कहा कि पिछले चार-पांच सप्ताह में सेना ने 'लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम' (लिट्टे) के विद्रोहियों के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

गौरतलब है कि श्रीलंका में सन 1983 से चल रहे तमिल अलगाववादी आंदोलन में अब तक 70,000 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं।

भारत ने हमेशा श्रीलंका की क्षेत्रीय एकता और अखंडता का समर्थन किया है और वह पृथक तमिल राष्ट्र की स्थापना के खिलाफ रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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