• search

डाकुओं ने संभाली बटेश्वर की विरासत

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
Bateshwar Temple
भोपाल, 28 मईः डकैत मददगार हो सकते हैं और वह भी विरासत को संवारने में। इस पर कम ही लोगों को भरोसा होगा। लेकिन यह हकीकत है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के मंदिरों की नगरी बटेश्वर में विरासत को संवारने का अभियान चल रहा है। इस अभियान का सूत्रधार एक डकैत है।

लगभग 13 वर्षो से बटेश्वर की पहचान मंदिरों की नगरी के रूप में रही है। यहां कभी दो सौ मंदिर हुआ करते थे। लेकिन वक्त के थपेड़ों ने इन मंदिरों को जमीनदोज कर दिया। मंदिरों की यह नगरी पूरी तरह पत्थरों में तब्दील हो चुकी है।

बीहड़ पट्टी के इस इलाके में विरासत संवारना तो दूर आम आदमी के सामान्य जीवन की कल्पना करना तक बेमानी है। क्योंकि यहां दशकों से डकैतों की सल्तनत रही है।

बटेश्वर के पुरातत्विक महत्व के कारण लगभग दो वर्ष पहले इन्हें पुराने रूप में लौटाने की एक योजना बनाई गई। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए इस योजना पर अमल करना आसान नहीं था।

इस क्षेत्र में डकैतों के प्रभाव के कारण कोई काम करने को तैयार नहीं था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद के. क़े मोहम्मद भी इस बात से सहमत हैं। उन्होंने यहां का पहला दौरा किया तो उन्हें भी इस बात का एहसास हो गया कि इस इलाके में डकैत सक्रिय हैं।

मोहम्मद बताते हैं कि चंबल के सबसे खतरनाक डकैत निर्भय सिंह गुर्जर और उसके साथियों को देखकर वे सकते में आ गए थे। उन्होंने निर्भय को अपनी योजना से अवगत कराया तो उसे भी लगा कि बिखरे पड़े पत्थर मंदिर का रूप ले सकते हैं। उसने मदद का भरोसा दिलाया।

मोहम्मद के मुताबिक निर्भय ने वह स्थान छोड़ दिया। परिणामत: वह बटेश्वर में चालीस मंदिरों को नया रूप देने में सफल रहे हैं। फिलहाल उनके सामने कई चुनौतियां हैं। बाकी बचे 160 मंदिरों को उनका मूर्त रूप दिया जाना बाकी है।

बटेश्वर के मंदिर भले ही ढह गए मगर उनके पत्थरों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा। मोहम्मद का कहना है कि माफिया समूहों ने इन बेशकीमती पत्थरों को ठिकाने लगा दिया होता। डकैतों के कारण माफिया यहां तक नहीं पहुंच पाए इसीलिए बिखरे पड़े पत्थरों को मिलाकर मंदिर का रूप दिया जाना आसान हो रहा है।

दो साल पहले तक भूकंप जैसी तबाही से पीड़ित बटेश्वर की तस्वीर अब बदलने लगी है। जगह-जगह मंदिर नया रूप ले चुके हैं और बिखरे पड़े पत्थरों को जोड़कर उन्हें नया आकार दिया जा रहा है।

निर्भय के बारे में मोहम्मद का कहना है कि वह भले ही डकैत था मगर उसे पुरातन परंपरा और विरासत से लगाव रहा होगा तभी उसने बटेश्वर को मंदिरों की नगरी में बदलने में सहयोग किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more