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उर्वरक का उत्पादन बढाने के लिए निवेश नीति बनेगी

By Staff
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नयी दिल्ली 14 मार्च .वार्ता. सरकार देश में उर्वरक का घरेलू उत्पादनबढाने के लिए यूरिया क्षेत्र में निवेश संबंधी एक नयी नीति बनाने जारही है

इसके साथ ही देश में बंद पडे आठ उर्वरक संयंत्रों को फिर से चालूकिया जाएगा और भविष्य में किसी भी संयंत्र को बंद नहीं होने दिया जाएगा

केन्द्रीय रसायन उवं उर्वक मंत्री रामविलास पासवान ने आजराज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी

उन्होंने माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी.माकपा. के तपन कुमार सेनऔर प्रशांत चटर्जी द्वारा पूछे गए प्रश्नों और अन्य पूरक प्रश्नों का उत्तरदेते हुए स्वीकार किया कि देश में यूरिया का उत्पादन कम होने सेपिछले कुछ सालों से उसका अधिक आयात करना पड रहा है और इससेयूरिया केदामों भारी वृद्धि हो रही है

देश में उर्वरक का उत्पादन 200 लाख टन है जबकि मांग 250लाख टन1 इस तरह मांग और आपूर्ति में अन्तर बढता जा रहा है1 यूरियाकी अन्तर्राष्ट्रीय कीमत 410 डालर प्रति टन हो गयी है1 उन्होंने यह भीकहा कि उर्वरक पर सरकार की सब्सिडी भी बढ रही है1 पिछले तीनसाल में यह 25 हजार करोड रुपये से बढाकर 75 हजार करोड रुपये होगयी है

श्री पासवान ने कहा कि पिछले दस पन्द्रह वर्ष में उर्वरक क्षेत्र मेंकोई पूंजीनिवेश नहीं हुआ है क्योंकि निवेशकों के लिए यह घाटे कासौदा है1 उन्होंने कहा कि सरकार यूरिया क्षेत्र निवेश के लिए नयी नीतिबनाने जा रही है और यूरिया आधारित बंद पडे आठ संयंत्रों को फिर सेचालू करने का निर्माण लिया गया है1 मंत्रियों के समूह नेे इन संयंत्रोंको चालू करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर गैस देने का फैसलाकिया है

अरविंद शेखर रामलाल1250.वार्ता.

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