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अर्थ. रिण नीति.प्रतिक्रिया दो अंतिम नयी दिल्ली..

By Staff
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    या दो अंतिम नयी दिल्ली.. श्री पारेख ने कहा कि .. बैंकिग तंत्र में पर्याप्त तरलता है और सीआरआर में बढोतरी के बावजूद ब्याज दरों में नरमी के प्रति आशावादी रहा जा सकता है. एसोसिएटिड चैम्बर आफ कामर्स ऐंड इंडस्ट्रीज आफ इंडिया .एसौचैम. ने कहा कि बैंक दरों में उद्योग की जरतों के अनुप कमी की जानी चाहिए थी. जिससे कि वैश्विक मंदी के प्रभावों को कम किया जा सके1 एसोचैम अध्यक्ष ने कहा कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को काबू में रखने पर अधिक जोर दिया है1 सीआरआर में आधा प्रतिशत बढोतरी से बैंकिग तंत्र से अच्छी.खासी रकम निकल जायेगी और बैंकों के समक्ष ब्याज दरों को कम करने की दिक्कत बनी रहेगी1 उच्च ब्याज दरों से उद्योग जगत पहले ही गहरे दबाव में है. सीआरआर में बढोतरी से रिण उठाव भी प्रभावित होगा1 पीएचडी वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के अध्यक्ष संजय भाटिया ने नीति को उम्मीदों के अनुप बताते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था की तीव्र विकास दर बनी रहेगी किंतु सीआरआर में बढोतरी से रिजर्व बैंक को बचना चाहिए था1 श्री भाटिया ने कहा कि मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने को देखते हुए सीआरआर में बढोतरी नहीं की जानी चाहिए थी. यह पहले ही लक्ष्ित स्तर तीन प्रतिशत की तुलना में सात प्रतिशत की ऊंचाई पर है1 रिण का उठाव पहले ही कम है. ऐसे में सीआरआर में बढोतरी से बैंकों के बीपीएलआर पर और असर होगा

    मिश्रा कैलाश जगबीर1736वार्ता

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