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    राजनीति. किसान महाधरना पांच अंतिम नयी दिल्ली..

    By Staff
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    ा पांच अंतिम नयी दिल्ली.. फारवर्ड ब्लाक के नेता जर्नादन पाण्डे ने केन्द्र सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया1 उन्होंने कहा कि गांव उजड रहे है. खेती खत्म हो रही है. किसान सबसिडी से वंचित है तथा 70 प्रतिशत ग्रामीणों की अनदेखी हो रही है जबकि उद्योगपति अपने पक्ष में नीति बनवाकर सबसिडी और सरकारी मदद का भरपूर लाभ उठा रहे है1 उन्होंने कहा कि देश में भारत बनाम इंडिया की लडाई शुरु हो गई है. सेज और गगनचुम्बी इमारते खडी हो रही है और खेती को भूल जाने को कहा जा रहा है

    पूर्व राज्यसभा सदस्य नीलोत्पल बसु ने कहा कि सेंसेक्स बेहतरीन अर्थव्यवस्था का सूचकांक नहीं है1 उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में लघु उद्योगों में काम करने वाले एक लाख से अधिक मजदूरों की छंटनी की गई है तथा किसानों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है1 देश में धनाढ्य उद्योगपतियों की संख्या जापान से भी अधिक हो गई है

    सपा के नेता श्री सुनीलम ने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने. किसानों को सबसिडी जारी रखने और नकली खाद और बीच का व्यापार करने वालों को कठोर दण्ड देने की मांग की

    महाधरना देने से पहले देश के विभिन्न राज्यों से आये हजारों किसान स्थानीय रामलीला मैदान पर एकत्र हुए और जुलूस बनाकर संसद की आेर कूच किया1 पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग थाने के समक्ष रोक लिया जहां वे धरना पर बैठ गये1 नेताओं के सम्बोधन के बाद अखिल भारतीय किसान सभा की आेर से प्रधानमंत्री को 14 सूत्री एक ग्यापन दिया गया जिसमें किसानों को चार प्रतिशत ब्याज दर पर रिण उपलब्ध कराने. गरीब किसानों का कर्जा माफ करने. सेज पर रोक लगाने. किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने. फसलों का कृष िबीमा राष्ट्रीय स्तर पर कराने. बीज विधेयक संशोधित कर संसद में पारित कराने. ग्रामीण विकास योजनाओं का दुरुपायोग रोकने. सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने. केरल की तरह प्रत्येक राज्य में कृष िरिण राहत आयोग स्थापित करने आदि की मांग प्रमुख है

    निगम अजय रामलाल1956.वार्ता.

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