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UPSC की तैयारी के बीच हुई थी पिता की 'हत्या', IPS बन बजरंग प्रसाद ने यूं पूरा किया पापा का सपना

UPSC Topper Bajrang Prasad Yadav: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले बजरंग प्रसाद यादव ने UPSC परीक्षा में 454वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने यह सफला काफी संघर्ष, कड़ी मेहनत से पाई है।

Bajrang Prasad Yadav Motivation Story in Hindi

UPSC Topper Bajrang Prasad Yadav Motivation Story in Hindi: आईएएस (IAS) बनने का सपना लेकर बजरंग प्रसाद सादव साल 2019 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से दिल्ली तैयारी करने के लिए आए थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उनका यह सफर इतना कठिन और दर्दभरा होगा। यूपीएससी की तैयार के बीच बजरंग प्रसाद ने अपने पिता को भी खो दिया था। हालांकि, बजरंग प्रसाद ने कड़ी महंत के बाद यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 454वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने यह सफला काफी संघर्ष, कड़ी मेहनत से पाई है। आइए जानते है उनकी सफलता की कहानी...।

UPSC में 454वीं रैंक हासिल करने वाले बजरंग प्रसाद यादव उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के धोबहट गांव के रहने वाले है। बजरंग प्रसाद के पिता कान राजेश यादव है और वह पेश से किसान थे। वहीं, बजरंग की मां कुसुमकला धोबहट ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान हैं। बजरंग प्रसाद की शुरुआती पढ़ाई बस्ती के बहादुरपुर से हुई है। साल 2014 में लिटिल फ्लॉवर स्कूल से 10वीं और 2016 में उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी से 12वीं की। इन दोनों क्लास में वे जनपद टॉपर्स रहे। 12वीं के बाद प्रयागराज विश्वविद्यालय से मैथ्स से एमएससी की, इसमें भी टॉप किया।

बजरंग प्रसाद जब MSC की पढ़ाई कर रह थे उस वक्त उनके पिता राजेश यादव ने उन्हें IAS अधिकारी बनने का सपना देखा। अपने पिता के सपने को पूरा करने बजरंग प्रसाद MSC करने के बाद साल 2019 में दिल्ली आ गए। लेकिन, एक साल बाद ही उन पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबि, बजरंग प्रसाद के पिता की साल 2020 में हत्या कर दी गई। पिता की हत्या की खबर ने बजरंग प्रसाद को अंदर तक हिला दिया और उनके सिर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हालांकि, इस सबके बावजूद बजरंग प्रसाद ने खुद को संभाला और अपने पिता का ख्वाब पूरा करने की हिम्मत जुटाई और फिर तैयार में लग गए।

इस बार मकसद पहले से ज्यादा मजबूत था और पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए उनके अंदर एक जुनून भी था। जिसकी बदौलत बजरंग प्रसाद ने आज यह मुकमा हासिल किया है। बजरंग प्रसाद ने कड़ी महंत के बाद यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 454वीं रैंक हासिल की है। खबर के मुताबिक, बजरंग ने विकास दिव्यकीर्ति की दृष्ट‍ि कोचिंग में कोचिंग की थी, जिसका उन्होंने एक पैसा नहीं दिया। वहां चल रही स्कीम के मुताबिक प्रीलिम्स पास करने वालों को इसके बाद पूरी मेंटरशिप मिलती है, जिसमें इंटरव्यू तक सहायता मिलती है।

इस तरह उन्हें फ्री गाइडेंस मिली। वहीं, यूपीएससी पास कर बजरंग प्रसाद ने अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं, बजरंग की इस सफलता से पूरे गांव में उसके नाम की चर्चा है। बजरंग यादव ने कहा, पिता के साथ जो घटना हुई, उसमें उन्होंने ये पाया कि एक बड़ा अफसर ही गरीब और असहायों की मदद कर सकता है। कहा कि एक मामले को हल करने के लिए आईएएस तो नहीं बन सकते, मगर एक व्यक्ति आईएएस बनकर कई मामलों का हल कर सकता है।

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    बजरंग प्रसाद की मानें तो उन्होंने तीन साल UPSC की परीक्षा क्रैक की है। UPSC की परीक्षा क्रैक करने के बाद वह IPS बन गए है। हालांकि, वह अभी IAS बनना चाहते है। इस दौरान उन्होंने बताया कि मेरे पिता जी गांव में खेती किसानी के साथ गरीबों और असहायों की मदद भी किया करते थे। उनका गरीबों की मदद करना कुछ दबंगों को रास नहीं आया और एक दिन हत्या कर दी गई। पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए उनके अंदर एक जुनून ने आज उन्हें इस मुकाम पर पहुंचा दिया।

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