अधिकारी बनने के लिए छोड़ी मोटी सैलरी वाली नौकरी, चौथे प्रयास में किसान की बेटी ने किया UPSC क्रैक
UPSC Success Story: 'अगर आप अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं तो यकीन मानिए आपके ख्वाब को हकीकत बनने से कोई रोक नहीं सकता है।'
यही मानना है बिहार की प्रिया रानी का, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत इस बात को पूरी तरह से सत्यापित किया है। सक्सेस स्टोरी की इस कड़ी में आज हम आपको प्रिया रानी की जर्नी के बारे में बताएंगे, जिन्होंने UPSC की परीक्षा एक-दो बार में नहीं बल्कि चौथी बार में क्लियर की।

उनकी जगह शायद कोई दूसरा होता तो हार मान लेता लेकिन प्रिया रानी ने हार नहीं मानी बल्कि हर असफलता के बाद उन्होंने दूने जोश से मेहनत की और आखिरकार वो पा ही लिया, जिसका ख्वाब उन्होंने बचपन से देखा था। आपको बता दें कि प्रिया बिहार के फुलवारीशरीफ के कुरकुरी एरिया से आती हैं, उनके पिता अभय कुमार एक किसान हैं।
दादा और पिता ने दिया प्रिया रानी का हर कदम पर साथ
प्रिया के करियर में उनके दादा सुरेंद्र प्रसाद शर्मा और पिता का काफी अहम रोल रहा है। दरअसल आज से करीब 20-22 साल पहले जहां पर प्रिय रहती थीं, वहां लड़कियों का ज्यादा पढ़ाया लिखाया नहीं जाता था, ऐसे में किसी किसान पुत्री का अधिकारी बनने के बारे में सोचना भी बेमानी था।
दादा ने लिया बेटी को पढ़ाने का फैसला
दरअसल प्रिया शुरु से ही काफी पढ़ने में अच्छी थीं इसलिए उनके दादा और पिता ने फैसला किया कि वो बच्चों को पटना ले जाएंगे पढ़ाने के लिए और इसके बाद वो प्रिया और उसके छोटे भाई-बहनों को लेकर पटना आ गए।
एक साल की नौकरी के बाद मोटी सैलरी वाली जॉब छोड़ दी
प्रिया रानी ने संत माइकल से 12वीं पढ़ाई की और इसके बाद इन्होंने बीआइटी मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। प्रिया ने बचपन से ही आर्थिक तंगी को देखा था इसलिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई को करने के बाद इन्होंने हाईसैलरी पर बेंगुलुरु की कंपनी में एक साल तक काम भी किया लेकिन इनका सपना तो UPSC को क्रैक करना था और इसी वजह से उन्होंने एक साल की नौकरी के बाद जॉब छोड़ दी।
'दो बार फेल होने के बाद थोड़ा मन डगमगाया था...'
और UPSC की तैयारी में जुट गईं लेकिन ये पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाईं, हालांकि इन्होंने हार नहीं मानी और फिर से एग्जाम दिया लेकिन किस्मत का साथ इन्हें फिर से नहीं मिला। प्रिया रानी बताती हैं कि दो बार फेल होने के बाद थोड़ा मन डगमगाया था लेकिन पापा का सपोर्ट बहुत ज्यादा था।
'साल 2021 में मेरी रैंक AIR 284 थी लेकिन मैं संतुष्ट नहीं थी'
साल 2021 में मेरी रैंक AIR 284 थी लेकिन मैं संतुष्ट नहीं थी और इसलिए मैंने चौथी बार एग्जाम दिया और UPSC 2023 में मुझे AIR 69 रैंक हासिल हुई। आपको बता दें कि प्रिया रानी कसौली हिमाचल प्रदेश में इंडियन डिफेंस सर्विस में अपना योगदान दे रही हैं।
वो छोटे-छोटे नोट्स बनाती थी और एग्जाम में उसे ही पढ़ती थीं
प्रिया रानी ने कोई बड़ा कोचिंग संस्थान ज्वाइन नहीं किया था, वो सेल्फ स्टडी को महत्व देती हैं, प्रिया रानी ने कहा कि 'वो शुरू से ही सुबह चार बजे उठकर पढ़ा करती थी। वो छोटे-छोटे नोट्स बनाती थी और एग्जाम टाइम में उसी से पढ़ाई करती थीं।'
प्रिया रानी के इंस्टा पर 59.9K followers हैं
प्रिया रानी ने कहा कि 'खुद पर भरोसा हो और नियमबद्ध तरीके से अगर हम काम करें तो निश्चित तौर पर हमें सफलता हासिल होती है। आज प्रिया रानी लाखों लोगों के लिए मिसाल हैं, वो सोशल मीडिया पर भी बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं, उनके इंस्टा पर 59.9K followers हैं।'












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