Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Success Story: कभी साफ किए विमान, आज 8000 घंटे उड़ान भरकर रचा इतिहास! पायलट Poonam की बेमिसाल कहानी

Poonam Devrakhyani Success Story: 'मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है...', यह पंक्तियां हम सबने किताबों में पढ़ी हैं, भाषणों में सुनी हैं, लेकिन जब इनका जीवन में जीता-जागता रूप देखने को मिले, तब शब्दों का असर कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी ही एक जीवंत मिसाल हैं भोपाल की बेटी पूनम देवराख्यानी, जिनकी जिंदगी संघर्षों की ऐसी उड़ान है, जिसे जानकर आप कहेंगे - 'कभी हार मत मानो!'

पूनम के पास न तो पैसे थे, न सिफारिश, न कोई गॉडफादर। था तो सिर्फ सपना - पायलट बनने का। एक ऐसा सपना, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने एयरपोर्ट पर विमान धोने से लेकर कॉफी शॉप में काम करने तक सब कुछ किया। पूनम ने न सिर्फ संघर्षों को मात देकर अपने सपने को हकीकत में बदला, बल्कि 8,000 घंटे से अधिक उड़ान भरकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर बनकर इतिहास रच दिया। उनकी कहानी हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पंख देना चाहती है। आइए आपको रूबरू कराते हैं पूनम के सफर से...

Who is Pilot Poonam Devrakhyani

सफर की शुरुआत: जहां सपने का बीज पड़ा

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मीं पूनम का झुकाव बचपन से ही हवाई जहाज और उड़ानों की तरफ था। उनके परिवार की जिंदगी उनके भाई विजय देवराख्यानी की देखभाल के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो 98% गति-बाधित और मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित हैं। परिवार के संसाधन विजय के इलाज में खर्च हो रहे थे, और पायलट बनने का सपना आर्थिक रूप से असंभव लगता था। अहमदारबाद मीरर के अनुसार, पूनम बताती हैं, 'मेरे माता-पिता को मेरे सपने पर भरोसा था, लेकिन मेरे भाई की देखभाल पहले से ही उनके लिए बड़ा बोझ थी।'

विजय की हिम्मत ने पूनम को प्रेरित किया। उन्होंने एशिया, लिम्का और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में गति-बाधित व्यक्ति द्वारा सबसे ऊंची जिपलाइन करने का रिकॉर्ड बनाया। पूनम कहती हैं, 'मेरे भाई की जिंदादिली ने मुझे सिखाया कि कोई भी चुनौती आपको रोक नहीं सकती।'

Who is Pilot Poonam Devrakhyani

संघर्षों से भरा सफर : विमान धोने से लेकर कॉफी शॉप में नौकरी तक

पायलट बनने का रास्ता आसान नहीं था। सामाजिक रूढ़ियों और आर्थिक तंगी ने कई बार उनके हौसले को डिगाया। पूनम ने परिवार का बोझ कम करने के लिए छोटे-मोटे काम किए-विमान धोने से लेकर कॉफी शॉप में नौकरी तक। 'हर छोटा काम मुझे मेरे लक्ष्य के करीब ले जाता था,' वह बताती हैं।

जेट एयरवेज में काम करते हुए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी, रातों की नींद हराम कर असाइनमेंट पूरे किए, और अपनी यूनिवर्सिटी में टॉप किया। जेट एयरवेज में उन्हें 'गोल्डन गर्ल' का खिताब मिला।

कॉकपिट में चुनौतियों का सामना

पूनम ने कॉकपिट में कई चुनौतीपूर्ण पल देखे। एक बार दोहा से उड़ान के दौरान कार्गो डोर अलर्ट के कारण टेकऑफ रद्द करना पड़ा। पूनम ने शांत मन से विमान को रोका, समस्या का समाधान किया और सुरक्षित उड़ान भरी। वह कहती हैं, 'पायलट का प्रशिक्षण हमें हर आपात स्थिति के लिए तैयार करता है-इंजन फेल होने से लेकर केबिन प्रेशर की समस्या तक।' हर छह महीने में होने वाले सिम्युलेटर प्रशिक्षण में पायलटों को 'उड़ान, नेविगेशन और संवाद' की प्रक्रिया सिखाई जाती है।

इंजन पर आग लगने पर क्या करें?

द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पूनम बताती हैं, 'इंजन में आग लगने पर हम तुरंत चेकलिस्ट लागू करते हैं, इंजन बंद करते हैं, और निकटतम हवाई अड्डे की ओर बढ़ते हैं। हर स्थिति में शांत रहना और प्रशिक्षण पर भरोसा करना जरूरी है।'

जेट एयरवेज के संकट में साथ

पूनम कहती हैं कि 2019 में जब जेट एयरवेज बंद होने की कगार पर थी, पूनम ने बिना वेतन के खाली विमान उड़ाए। 'जेट ने मुझे बहुत कुछ दिया। अंत तक उसका साथ देना मेरा फर्ज था।

DGCA में नई जिम्मेदारी

आज पूनम DGCA में फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर के रूप में देश के उड्डयन क्षेत्र को सुरक्षित और जवाबदेह बनाने में योगदान दे रही हैं। वह कहती हैं, 'मेरा काम है उच्चतम सुरक्षा मानकों को लागू करना। हर ऑडिट और प्रशिक्षण यही सुनिश्चित करता है कि हमारा आसमान सुरक्षित रहे।'

महिलाओं के लिए प्रेरणा

पूनम का सपना केवल पायलट बनना नहीं था, बल्कि विमानन क्षेत्र में और महिलाओं के लिए रास्ते खोलना भी था। वह कहती हैं, 'महिलाओं के लिए मेंटरशिप और लचीली नीतियां इस पुरुष-प्रधान क्षेत्र में उनकी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं।' उनकी उपलब्धियों को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी सराहा, और उन्हें 'युवा महिला विमानन नेता' का खिताब दिया गया।

ब्लू डार्ट एविएशन के निदेशक कैप्टन आईके खन्ना कहते हैं, 'पूनम की उपस्थिति और नेतृत्व अद्वितीय है।' उनके पूर्व प्रोफेसर डॉ. क्रिस्टोफ बेनारोया बताते हैं, 'पूनम ने एमबीए के दौरान विमानन में AI पर उल्लेखनीय काम किया। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व का मेल दुर्लभ है।'

एक प्रेरक संदेश

पूनम कहती हैं, 'मेरे भाई ने मुझे सिखाया कि कोई भी बाधा अंतिम नहीं होती। अगर मैं एक भी लड़की को अपने सपनों पर भरोसा करने के लिए प्रेरित कर सकूं, तो मेरा मिशन पूरा होगा।'

भोपाल की उस छोटी लड़की ने न केवल आसमान छुआ, बल्कि लाखों लड़कियों के लिए एक नया रास्ता भी बनाया। आज जब कोई लड़की आसमान में उड़ता विमान देखती है, तो शायद वह सोचती है, 'यह मेरा आसमान भी हो सकता है।'

ये भी पढ़ें-

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+