'हम लौट रहे थे तो उन्होंने हमारी जेबों में कीमती चीजें रख दीं', NDRF पर तुर्की के लोगों ने लुटाया प्यार
तुर्की और सीरिया में आए भूकंप के बाद मलबे में फंसी हजारों जिंदगियों को बचाने के बाद NDRF की टीम इंडिया वापस लौट आई है। टीम, जब वापस लौटी तो तालियों के साथ उनको विदाई दी गई। टीम के स्थानीय लोगों के साथ मजबूत रिश्ते बन गए।

Delhi News: तुर्की और सीरिया में आए भूकंप के बाद मलबे में फंसी हजारों जिंदगियों को बचाने गई NDRF की टीम इंडिया वापस लौट आई है। संकट की घड़ी में हर कदम पर पीड़ितों के साथ खड़ी टीम, जब वापस लौटी तो तालियों के साथ उनको विदाई दी गई। टीम के स्थानीय लोगों के साथ मजबूत रिश्ते बन गए। इस बीच एनडीआरएफ (NDRF) के डीजी अतुल करवाल ने बताया कि, हमारे बचावकर्मियों और वहां (तुर्की) के स्थानीय लोगों के बीच एक मजबूत रिश्ता बना। वे चाहते थे कि हम अपने बैज उनके पास छोड़ दें और बदले में उन्होंने हमारी जेब में उनकी कुछ मूल्यवान चीजें रख दीं।

एनडीआरएफ की प्रधानमंत्री मोदी ने की प्रशंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप प्रभावित तुर्की और सीरिया में 'ऑपरेशन दोस्त' में शामिल राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कर्मियों से बातचीत की। कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ द्वारा किए गए शानदार कार्यों के लिए उनकी प्रशंसा की। पीएम ने कहा कि तुर्की और सीरिया में भारतीय दल ने हमारे लिए 'पूरी दुनिया एक परिवार है', की भावना का प्रकटीकरण किया। प्रधानमंत्री ने 'ऑपरेशन दोस्त' के माध्यम से मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'जब तुर्किए और सीरिया में भूकंप आया तो भारत सबसे पहले मदद लेकर पहुंचने वालों में से एक था।'

ऑपरेशन दोस्त के तहत कई जिंदगियों को मलबे से बाहर निकाला
एनडीआरएफ की टीमों ने तुर्की में 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत दिन-रात पीड़ितों की मदद की। 'ऑपरेशन दोस्त' से जुड़ी पूरी टीम ने यहां अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया। एनडीआरएफ की तीन टीमों के 151 जवानों ने डॉग स्क्वायड के साथ तुर्की में विस्तार से खोज और राहत-बचाव अभियान में हिस्सा लिया था। एनडीआरएफ की टीमों ने नूरदागी और अंतक्या में पीड़ितों की मदद की और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।

गाजियाबाद से तुर्की के लिए रवाना की गई थीं NDRF की टीमें
दरअसल, संकट की घड़ी में भारत से बिना किसी देरी के पीएम मोदी के निर्देश पर गाजियाबाद से NDRF की टीमें तुर्की के लिए रवाना कर दी गईं थीं। बचाव कार्यों के लिए रवाना हुई एनडीआरएफ की टीम अपने साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड, चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ भूकंप राहत सामग्री के साथ गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से तुर्की के लिए रवाना हुई थीं।
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अब तक 41,000 से अधिक लोगों की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तुर्की-सीरिया में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप के चलते अब 41,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों लोग अभी भी मलबों में दबे हुए हैं। यहां मौजूद बचावकर्मी लगातार लोगों को ढूंढने में जुटे हुए हैं। यहां आई आपदा में हजारों घर जमींदोज हो गए हैं।












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