समाज सेवा के लिए 18 साल में घर छोड़ने वाली मरद टेरेसा का आज जन्मदिन, जानें उनकी जिंदगी से जुड़ी 10 खास बातें
समाज सेवा के लिए 18 साल में घर छोड़ने वाली मरद टेरेसा का आज जन्मदिन, जानें उनकी जिंदगी से जुड़ी 10 खास बातें
नई दिल्ली, 26 अगस्त: महान समाज सेविका और भारत रत्न मदर टेरेसा की आज जयंती है। आज मदर टेरेसा की 111वीं जयंती है। 26 अगस्त 1910 में भारत रत्न मदर टेरेसा का जन्म मैसेडोनिया में हुआ था। उनका नाम एग्नेस गोंक्सा बोजाक्षिउ था। मदर टेरेसा दुनियाभर में शांति और मानवता की महान संरक्षक के तौर पर जानी जाती हैं। मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में समर्पित कर दिया। मदर टेरेसा गरीबों के लिए अपने निस्वार्थ प्रेम और उनकी मदद करने के लिए काम करने के लिए जानी जाती हैं। मदर टेरेसा ने 12 साल की उम्र में अपना जीवन भगवान को समर्पित कर दिया था। आइए जानें मरद टेरेसा की जिंदगी से जुड़ी 10 खास बातें।

1. मरद टेरेसा ने समाज सेवा के लिए 18 साल की उम्र अपना घर और परिवार सब छोड़ दिया था। मदर टेरेसा ने 18 साल की उम्र में घर छोड़ दिया और नन बनने के लिए डबलिन में सिस्टर्स ऑफ लोरेटो के साथ जुड़ गईं। मदर टेरेसा अपने पूरे जीवन में अपने परिवार के पास कभी नहीं लौटीं।
2. 1964 में भारत की यात्रा के दौरान, पोप पॉल VI मदर टरेसा का समर्पण को देखकर प्रभावित हुए थे और अपनी लिमोसिन देकर उसकी मदद करने की पेशकश की थी। मदर टेरेसा ने पोप से कोढ़ी कॉलोनी के लिए धन जुटाने की अपील की थी।
3. मदर टेरेसा जब सिर्फ 8 साल की थी तो उनके पिता का देहांत हो गया था। कहा जाता है कि पिता के निधन के बाद मदर टेरेसा को उनके राजनीतिक दुश्मनों ने जहर दिया था।
4. पिता के देहांत के बाद मदर टरेसा अपनी मां के बहुत करीब हो गई थीं। मदर टेरेसा की मां उनसे कहती थी, ''जब तक आप अपना खाना किसी जरुरत मंद के साथ शेयर नहीं करते हैं, खाना का एक निवाला भी मत खाओ।''
5. 1928 मदर टरेसा आयरलैंड चली गईं थी और एक साल बाद भारत के कलकत्ता पहुंची थीं। जहां उन्होंने सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। मदर टेरेसा ने 1948 में नौकरी छोड़ दी थी और गरीबों के लिए काम करना शुरू किया थ। मदर टरेसा ने पटना में चिकित्सा प्रशिक्षण लिया और बाद में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की। जिसमें वह गरीबों की सेवा करने लगीं।
6. मदर टरेसा द्वारा किए गए समाज सेवा के को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान दिए गए। 1962 में रेमन मैग्सेसे शांति पुरस्कार, 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार और 1980 में भारत रत्न से मदर टरेसा को सम्मानित किया गया था।
7. 1982 में मदर टरेसा बिना किसी को बताए, गुप्त तरीके से बेरूत, लेबनान गई थीं। जहां उन्होंने ईसाई बहुल पूर्वी बेरूत और मुस्लिम बहुल पश्चिम बेरूत के बच्चों के लिए अपनी सेवा देने की पेशकेश की थी।
8. मदर टरेसा को उनके जीवन में 18 बार 10 सबसे प्रशंसनीय महिलाओं की लिस्ट में नॉमिनेट किया गया था।
9. मदर टेरेसा का असली नाम एग्नेस गोंक्सा बोजाक्षिउ था। उन्हें आयरलैंड के Blessed Virgin Mary के संस्थान में समय बिताने के बाद मदर टेरेसा का नाम दिया गया था।
10. मदर टेरेसा का निधन 5 सितंबर 1997 को हुई। भारत सरकार द्वारा मदर टेरेसा का राजकीय अंतिम संस्कार किया गया था।












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