क्या होता है Oil Pulling Method? सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर्स के बीच बढ़ रहा है इसका चलन
ऑयल पुलिंग... अकसर आपने ये शब्द कहीं ना कहीं सुना होगा। आयुर्वेद में इसका काफी महत्व है। पुराने समय में ये लोग करते भी थे। मगर समय बदलता गया और ये मेथड भी गुमनामी के अंधेरे में कहीं खोता चला गया। मगर बता दें कि ऑयल पुलिंग मेथड एक बार फिर वापस आ गया है। सोशल मीडिया पर इसे वापस लाने वाले लोगों की कमी नहीं है। ऐसे में चलिये जानते हैं कि क्या है ये ऑयल पुलिंग और कैसे ये आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
इस मेथड में हर दिन कुछ मिनटों के लिए मुंह में तेल का कुल्ला किया जाता है। ये आपकी ओरल हाईजीन को मेंटेन करने के लिए बहुत अच्छा तरीका है। मगर इसे किया कैसे जाता है और इसके फायदे क्या हैं, चलिये ये जान लेते हैं।

मूल रूप से, ऑयल पुलिंग एक आसान प्रक्रिया है। इसे करने का परफेक्ट टाइम सुबह है। अपने दांतों को ब्रश करने से पहले। इस मेथड को अकसर चेहरे की मसल्स की एक्सरसाइज के तौर पर देखा जाता है। जिसमें 1-2 चम्मच तेल लेना और फिर उसे मुंह के चारों ओर घुमाना शामिल है। वैसे तो इसे 30 मिनट तक करने की सलाह दी जाती है मगर कई बार लोग कुछ ही मिनटों के लिए इसे करते हैं।
ऑयल पुलिंग के लिए सबसे अच्छा समय वैसे तो सुबह माना जाता है। मगर कई लोग इसे रात को सोने से पहले भी करते हैं। ऐसे लोग भी हैं जो इसे सुबह और शाम दोनों समय अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं। जबकि अन्य सप्ताह में दो से तीन बार पसंद करते हैं। हालाकि, हेल्थ एक्सपर्ट भी सुबह का समय इसके लिए बेस्ट मानते हैं और इसी वक्त इसे करने की सलाह देते हैं।
ऑयल पुलिंग के फायदे
तेल खींचने के लाभों पर गौर करें तो यह सिर्फ़ चेहरे की मांसपेशियों के लिए व्यायाम या मुंह के कीटाणुओं को मारने की विधि से कहीं ज़्यादा है। नियमित रूप से ऑयल पुलिंग करने से ओरल हेल्थ में सुधार हो सकता है, जिससे दांत चमकदार बनते हैं और सांसों में ताजगी आती है। मुंह से परे, इसका प्रभाव त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार, उसे स्वस्थ चमक प्रदान करने और यहां तक कि हार्मोनल संतुलन के रखरखाव में सहायता करने तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त, इसे मजबूत प्रतिरक्षा और मुंह के छाले जैसी कुछ बीमारियों के उपाय से भी जोड़ा गया है।
जब पुलिंग के लिए सही तेल चुनने की बात आती है, तो इसमें लचीलापन होता है। इस अभ्यास के लिए किसी भी खाने के तेल का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, मौसमी बदलाव की सलाह दी जाती है; उदाहरण के लिए, सर्दियों के महीनों के दौरान सरसों का तेल पसंद किया जाता है।
परामर्श एवं सावधानी
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऑयल पुलिंग के तमाम फायदों के बावजूद, किसी को इसे अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल करने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट्स से सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: ये जानकारी तमाम सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर्स के एक्सपीरियंस से जुटाई गई है। अगर आपको भी इस तरह की प्रैक्टिस अपनी दिनचर्या में शामिल करनी है तो हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय जरूर लें।
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