Kajri Teej Food: कजरी तीज पर महिलाएं घर पर बनाएं ये 6 खास पकवान, त्योहार में जोड़े मिठास का ये रंग

Kajri Teej Food: कजरी तीज का त्योहार सावन-भादो के महीने में विशेष महत्व रखता है। ये व्रत मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में महिलाएं बड़े उत्साह के साथ मनाती हैं।

12 अगस्त 2025 को है कजरी तीज
इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख की कामना करती हैं, जबकि कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस बार कजरी तीज का पर्व आगामी 12 अगस्त 2025 (मंगलवार) को मनाया जाएगा।

Kajri Teej Food

कजरी तीज स्वादिष्ट व्यंजनों के बिना अधूरा

कजरी तीज उपवास, पूजा और पारंपरिक गीत-संगीत के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों के बिना अधूरा है। व्रत खोलने या परिवार के साथ मिलकर खाने के लिए घर पर खास पकवान तैयार किए जाते हैं, जो इस त्योहार की रौनक को और बढ़ा देते हैं।

परिवार और रिश्तों में मिठास घोलने का अवसर

कजरी तीज केवल व्रत और पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह परिवार और रिश्तों में मिठास घोलने का अवसर भी है। जब घर में तरह-तरह के व्यंजनों की खुशबू फैलती है और सभी साथ बैठकर उन्हें खाते हैं, तो त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है।

आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे खास पकवान के बारे में जिन्हें आप कजरी तीज के अवसर पर घर पर आसानी से बना सकते हैं-

कजरी तीज पर बनाएं 6 खास पकवान

1. घेवर

कजरी तीज पर घेवर का नाम सबसे पहले आता है। ये राजस्थान की पारंपरिक मिठाई है, लेकिन अब पूरे उत्तर भारत में तीज के त्योहार का मुख्य हिस्सा बन चुकी है। मैदा, घी और चीनी की चाशनी से तैयार ये मीठा पकवान देखने में जितना आकर्षक लगता है, स्वाद में उतना ही लाजवाब होता है। ऊपर से मलाई या रबड़ी डालकर सजाया गया घेवर त्योहार की मिठास को दोगुना कर देता है।

बनाने का तरीका-

मैदा और घी को अच्छी तरह फेंटकर पतला घोल तैयार करें, फिर गरम घी में धीरे-धीरे डालते हुए घेवर का आकार दें। बाद में इसे चीनी की चाशनी में डुबोकर रबड़ी और मेवों से सजाएं।

2. कचौरी और आलू की सब्जी

व्रत खोलने के बाद नमकीन खाने का भी अपना मजा है। मूंग दाल या उरद दाल से बनी कुरकुरी कचौरियां और साथ में मसालेदार आलू की सब्जी का स्वाद हर किसी को भा जाता है। ये संयोजन उत्तर भारतीय घरों में तीज के दिन जरूर बनता है।

बनाने का तरीका-

दाल को पीसकर उसमें मसाले मिलाएं, इसे गेहूं या मैदे की लोई में भरकर सुनहरा होने तक तलें। साथ में टमाटर और मसालों से तैयार की गई आलू की सब्जी परोसें।

3. खीर

खीर किसी भी शुभ अवसर पर बनाई जाती है और तीज भी इसका अपवाद नहीं है। दूध, चावल और चीनी से बनी ये मिठाई ठंडी हो या गरम, हर रूप में पसंद की जाती है। इलायची और मेवों का स्वाद इसमें चार चांद लगा देता है।

बनाने का तरीका-

दूध को उबालकर उसमें धोए हुए चावल डालें और धीमी आंच पर पकाएं। जब चावल मुलायम हो जाएं, तो चीनी, इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालें। ठंडा करके भी परोसा जा सकता है।

4. सत्तू के लड्डू

परंपरा के अनुसार इस दिन सत्तू का खास महत्व होता है। सत्तू न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा होता है बल्कि इसकी मिठास भक्ति में और भी रंग भर देती है।

बनाने का तरीका-

घी में भुने हुए सत्तू में इलायची पाउडर, पिस्ता और बादाम डालकर अच्छे से मिलाएं। सत्तू के ठंडा होने पर उसमें पीसी हुई चीनी डालकर सबको अच्छा से मिलाएं। अब हाथों में घी लगाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लें।

5. पुए और पूरियां

कजरी तीज पर पुए और पूरियां बनाना भी एक परंपरा है। पुए मैदा या गेहूं के आटे में चीनी मिलाकर बनाए जाते हैं, जबकि पूरियां आमतौर पर नमकीन व्यंजन के रूप में परोसी जाती हैं।

बनाने का तरीका-

मैदा, चीनी और पानी मिलाकर घोल बनाएं, फिर घी या तेल में गोल आकार में तलें। आटे में नमक और थोड़ा सा तेल मिलाकर गूंथ लें, फिर बेलकर गरम तेल में फुलने तक तलें।

6. मालपुआ

मालपुआ एक और लोकप्रिय मिठाई है, जो खास मौकों पर बनाई जाती है। ये बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से नरम होती है।

बनाने का तरीका-

मैदा, सूजी, दूध और चीनी का घोल बनाकर हल्के घी में तलें। चाहे तो इसे चीनी की चाशनी में डुबोकर भी परोसा जा सकता है।

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