Fact Check: नदी में बहते शवों की फोटो निकली फेक, कोरोना काल की बताकर की गई थी पोस्ट
नई दिल्ली, 13 मई। भारत में कोरोना वायरस महामारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, रोजाना सामने आ रहे तीन लाख से अधिक नए केस और हजारों मौतों से देशभर में भय का माहौल है। इस बीच गंगा नदी में कोविड मृतकों के बह रहे शव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाली फोटो सामने आई है जिसमें गंगा में बहते शवों के आस-पास आवारा कुत्तों और कौवों को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह फोटो बिहार के बक्सर जिले की है जहां हाल ही में 71 अज्ञात शव पाए गए थे। इंटरनेट पर अब यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को बिहार और उत्तर प्रदेश में गंगा में मिले शवों का हवाला देते हुए साझा की जा रही है। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है राज्यों में कोविड शवों का दाह संस्कार किए बिना गंगा में बहाया जा रहा है। जबकि बक्सर प्रशासन ने गंगा नदी में मिले 71 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस फोटो को आम आदमी पार्टी (आप) नेता सुशील कुमार गुप्ता ने फेसबुक पर शेयर किया है।
यह भी पढ़ें: फैक्ट चैक: क्या ICMR ने कोरोना से बचने के लिए जारी की है 21 बिंदुओं की गाइडलाइन?
पोस्ट में आप नेता ने दावा किया है कि गंगा में लगभग 500 शव बहते देखे गए हैं। कई शव कोविड-19 किट लिपटे हुए थे। उन्होंने कहा कि बिहार और यूपी दोनों सरकारों की संवेदनहीनता का जीता जागता उदाहरण है और सिस्टम पर बहुत बड़ा धब्बा है। जब हमारी फैक्ट चेक टीम ने फोटो की जांच की तो पाया कि यह वायरल तस्वीर साल 2015 की है। आप नेता का यह दावा झूठा है। 2015 में परियार के पास गंगा नदी में 100 से अधिक शव मिले थे। इस फोटो को 13 जनवरी 2015 को लिया गया था। उस समय स्थानीय प्रशासन ने कहा था कि पवित्र नदी गंगा में लाखों हिंदू अपने मृतक परिजनों का अंतिम संस्कार करते हैं। कानपुर और उन्नाव के जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

Fact Check
दावा
गंगा नदी में तैरती मिलीं 500 से अधिक कोविड मृतकों की लाशें
नतीजा
6 साल पुरानी है फोटो, कोरोना काल से कोई संबंध नहीं












Click it and Unblock the Notifications