Fact Check: प्रधानमंत्री कुसुम योजना में सोलर पंप लगवाने को लेकर वायरल लेटर की क्या है सच्चाई?
नई दिल्ली, 28 जनवरी: सोशल मीडिया पर एक अप्रूवल लेटर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाने की बात कही गई है। इसमें फीस के तौर पर 10,600 रुपए भी मांगे गए हैं। पीआईबी फैक्ट चेक ने इसको लेकर बताया है कि ये लेटर फर्जी है। इसको लेकर कोई भी विश्वास ना करे और किसी को ये पैसा ना दे।

पीआईबी की फैक्ट चैक साइट ने अपने ट्वीट में बताया है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत जारी एक अप्रूवल पत्र में सोलर पंप स्थापित करने के लिए 5,600 रुपए लीगल फीस और 5,000 रुपए अतिरिक्त पंजीकरण शुल्क के रूप में मांगा गया है। यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है। केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई अनुमोदन पत्र जारी नहीं किया गया है, ऐसे में इस पर विश्वास ना करें और इसे शेयर ना करें।
क्या है ये योजना
प्रधानमंत्री कुसुम योजना, केंद्र सरकार की स्कीम है। इस योजना में किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पैनल की सुविधा दी गई है। इस योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने में आने वाले खर्चे की कुल लागत का करीब 80 प्रतिशत व्यय सरकार देती है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 2019 में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) की शुरुआत की थी। जिसको लेकर अब ये फर्जी मैसेज भी वायरल हो रहे हैं, ऐसे में इसको लेकर आप सरकारी वेबाइट पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।

Fact Check
दावा
कुसुम योजना में सोलर पंप लगवाने का दावा
नतीजा
लेटर पूरी तरह फर्जी, सरकार ने नहीं किया जारी












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