Fact Check: क्या WHO ने कोरोना को बताया सीजनल वायरस? जानिए वायरल दावे की सच्चाई
नई दिल्ली, 02 जून। कोरोना वायरस महामारी के बीच सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार भी गरम हो गया है। रोजाना सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण जारी कर कई भ्रमित करने वाले वायरस संदेशों को खंडित किया जाता है लेकिन फिर भी इनकी संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर अब जानलेवा महामारी को लेकर नया दावा सामने आया है। कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस एक सीजनल वायरस है, इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है।

इंटरनेट पर अब यह दावा कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा रहा। एक तरफ जहां कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को कड़ाई से गाइडलाइन का पानल करने के लिए कहा जा रहा है वहीं दूसरी ओर ऐसे भ्रमित करने वाले मैसेज प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने अब इस दावे का खंडन किया है। पीआईबी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लोगों को ऐसे किसी भी मैसेज पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई है।
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पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने कहा, 'विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कथित रूप से कोरोना के सीजनल वायरस होने का दावा किया जा रहा है जिसमें शारीरिक दूरी और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है। यह दावा फर्जी है। COVID19 एक संक्रामक रोग है व इसमे कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाना आवश्यक है। मास्क पहनें, हाथ धोएं, शारीरिक दूरी बनाएं।' गौरतलब है कि देश में अब कोरोना की दूसरी लहर कमजोर हो रही है लेकिन तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वह कोविड नियमों का सख्ती से पालन करें।

Fact Check
दावा
डब्ल्यूएचओ द्वारा कथित रूप से कोरोना के सीजनल वायरस होने का दावा किया जा रहा है
नतीजा
यह दावा फर्जी है। COVID19 एक संक्रामक रोग है।












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