Epstein Files में नपे इमरान खान, वसीम अकरम ने खोली पोल! Pakistan की अय्याशियों की हकीकत क्या?
Epstein Files Pakistan: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 1 फरवरी से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के कई समर्थक अकाउंट्स एक वीडियो क्लिप शेयर कर रहे थे। इस क्लिप के साथ दावा किया जा रहा था कि पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ने कहा है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री पीटीआई संस्थापक इमरान खान ने कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के द्वीप का दौरा किया था। आइए जानते हैं क्या है इसकी सच्चाई।
जेफरी एपस्टीन कौन था?
जेफरी एपस्टीन एक दोषी यौन अपराधी और अमेरिकी फाइनेंसर था। उस पर आरोप था कि उसने नाबालिग लड़कियों को शामिल कर एक सालों लंबा यौन-तस्करी नेटवर्क चलाया। यह नेटवर्क अमेरिका और विदेशों में उसकी कई संपत्तियों से जुड़ा था। अगस्त 2019 में, जब वह संघीय तस्करी के आरोपों में मुकदमे का इंतजार कर रहा था, तब उसकी न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी।

घिसलेन मैक्सवेल की भूमिका
एपस्टीन की करीबी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को बाद में अमेरिकी अदालत ने नाबालिगों की भर्ती और उन्हें यौन शोषण के लिए तैयार करने का दोषी ठहराया। उसे साल 2022 में 20 साल की जेल सज़ा सुनाई गई थी। इसके अलावा, अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़ी लाखों नई फाइलें जारी की हैं, जिनमें दुनिया के कई मशहूर और ताकतवर लोगों के नाम सामने आए हैं।
वायरल पोस्ट में क्या-क्या कहा गया?
1 फरवरी को एक यूजर, जिसकी प्रोफाइल और पुरानी पोस्ट्स से वह PML-N समर्थक लगता है, ने वसीम अकरम का एक पॉडकास्ट वीडियो शेयर किया। कैप्शन में लिखा गया था- "इमरान खान- एपस्टीन लिस्ट।
वसीम अकरम के नाम से लगाए गए आरोप
पोस्ट में आगे दावा किया गया कि वसीम अकरम के अनुसार- "इमरान खान और कुछ युवाओं को मैक्सवेल के निजी विमान से एपस्टीन द्वीप ले जाया गया था।" साथ ही यह भी लिखा गया कि यह शर्मनाक है कि वही व्यक्ति अब तस्बीह हाथ में लेकर ईमानदारी का उपदेश देता है। इस पोस्ट को 46,000 व्यूज मिले।
एक ही वीडियो बार-बार शेयर किया गया
उसी यूजर ने यही वीडियो दोबारा उसी कैप्शन के साथ शेयर किया, जिसे 28,000 व्यूज मिले।
इसके अलावा, एक और PML-N समर्थक ने क्लिप शेयर करते हुए लिखा: "1988 में इमरान खान हमें एक महिला के साथ निजी विमान से एक द्वीप पर ले गए- क्या वह एपस्टीन द्वीप था?"
जनता की दिलचस्पी और फैक्ट-चेक की शुरुआत
इस पोस्ट में यह भी कहा गया कि जैसे-जैसे और सच्चाई सामने आएगी, पीटीआई समर्थक एपस्टीन को "मानवता की सेवा करने वाला देवदूत" साबित करने की कोशिश करेंगे। इस क्लिप को 83,000 व्यूज मिले। एपस्टीन फाइलों में बढ़ती दिलचस्पी और इस दावे के तेजी से वायरल होने के कारण फैक्ट-चेक शुरू किया गया।
वायरल वीडियो की असली सच्चाई
वीडियो का असली स्रोत पता करने के लिए रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इससे पता चला कि यह वीडियो 24 नवंबर 2022 को एक ऑस्ट्रेलियाई यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। वीडियो का टाइटल था: "इमरान ने कहा चलो नाइटक्लब चलें | कोकेन, स्लेजिंग और सर विव पर वसीम"
पॉडकास्ट में वसीम अकरम ने क्या कहा?
इस पॉडकास्ट में वायरल क्लिप 17:35 मिनट से शुरू होती है। इसमें वसीम अकरम इमरान खान के साथ क्लबिंग के अनुभव के बारे में बात कर रहे थे। पूरे पॉडकास्ट में एपस्टीन या घिसलेन मैक्सवेल का कोई ज़िक्र नहीं है। इससे साफ होता है कि वायरल दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है।
टाइमलाइन से झूठ पकड़ा गया
पॉडकास्ट में वसीम ने 1988 में एक द्वीप की यात्रा का ज़िक्र किया था। जबकि जेफरी एपस्टीन ने अपने द्वीप 1998 में खरीदे थे। उस समय घिसलेन मैक्सवेल यूके में थी और वह 1991 में पिता की मौत के बाद अमेरिका गई, जहां बाद में उसकी मुलाकात एपस्टीन से हुई।
पहले भी फैलाया जा चुका है यही झूठ
यह क्लिप 2022 में भी इसी दावे के साथ वायरल हुई थी। तब वसीम अकरम ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर इसे झूठा बताकर खारिज किया था। इसके साथ ही वीडियो के साथ जो तस्वीरें शेयर की गई थीं, जिनमें इमरान खान को मैक्सवेल के साथ दिखाया गया, वे भी भ्रामक निकलीं। रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि ये तस्वीरें 1990 में लंदन की एक पार्टी की हैं।
फैक्ट-चेक ने खोला राज
फैक्ट-चेक में यह साफ हो गया कि वसीम अकरम के वायरल वीडियो में इमरान खान के एपस्टीन द्वीप जाने का दावा पूरी तरह झूठा है। वसीम ने न तो एपस्टीन, न मैक्सवेल और न ही किसी ऐसे द्वीप का कोई ज़िक्र किया। यह पूरा मामला पुराने वीडियो, गलत कैप्शन और भ्रामक तस्वीरों के जरिए फैलाया गया फर्जी नैरेटिव है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

Fact Check
दावा
इमरान खान का नाम एपस्टीन से जोड़ा गया
नतीजा
इमरान खान और एपस्टीन फाइल्स के दावे झूठे और AI जनरेटेड












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