Congress foundation day:बड़े मौकों पर राहुल गांधी कब-कब विदेश भाग खड़े हुए

Rahul Gandhi latest News:कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर गलत वजह से सुर्खियों में हैं। वह कांग्रेस पार्टी के 136वें स्थापना दिवस (136th foundation day of congress)से ठीक पहले निजी यात्रा पर विदेश (rahul gandhi foreign trips) चले गए हैं। खुद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह नए साल से पहले अपने नानी के घर (rahul gandhi italy visit) गए हैं। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मां इटली के मिलान शहर में रहती हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से सिर्फ इतनी ही जानकारी दी गई है कि वह निजी यात्रा पर विदेश गए हैं। लेकिन, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब भी पार्टी के लिए उनकी मौजूदगी सबसे अहम होती है, वह अक्सर 'गुप्त' विदेश दौरे पर निकल जाते हैं। इसको लेकर वह विपक्ष के नेताओं के निशाने पर भी रहते हैं। लेकिन, उनपर अबतक इसका कोई असर नहीं हुआ है। आइए जानते हैं कि इससे पहले ऐसे कौन से बड़े मौके आए, जब कांग्रेस के लिए ये 'युवा' नेता अपनी जिम्मेदारियों से किनारा कर भाग खड़े हुए।

कांग्रेस स्थापना दिवस छोड़कर 'इटली' क्यों गए राहुल

कांग्रेस स्थापना दिवस छोड़कर 'इटली' क्यों गए राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) कहां गए हैं, आधिकारिक तौर पर इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और राहुल के खासमखास नेता रणदीप सुरजेवाला ने सिर्फ इतना बताया है कि,'कांग्रेस नेता संक्षिप्त निजी यात्रा पर विदेश निकल गए हैं और कुछ दिन बाहर रहेंगे।' सुरजेवाला ने यह नहीं बताया कि आखिर राहुल गांधी को ऐसा कौन सा महत्वपूर्ण निजी काम आ गया था, जिसके लिए उन्होंने पार्टी की स्थापना दिवस में रहना भी जरूरी नहीं समझा। जबकि, उन्हें पता था कि उनकी मां और पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के लिए भी बीमारी की वजह से स्थापना दिवस समारोह में शरीक होना मुश्किल है। खैर, इससे भी बड़े अवसरों पर विदेश घूमने निकल जाना राहुल गांधी के लिए कोई नई बात नहीं है।

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    Congress Foundation Day: कांग्रेस स्थापना दिवस से एक दिन पहले Rahul Gandhi विदेश गए | वनइंडिया हिंदी
    2014 के लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले भी गायब रहे

    2014 के लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले भी गायब रहे

    राहुल गांधी की 'गुप्त' यात्राओं ने वैसे तो हमेशा सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन पहली बार सबसे ज्यादा चर्चा तब शुरू हुई थी, जब 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक पहले वह गुप्त स्थान पर छुट्टियां मनाने निकल गए थे। उस साल यह कुछ महीने के अंतराल पर ऐसा दूसरा वाक्या हुआ था। चुनाव से पहले भी वो अचानक गायब हो गए थे। तरह-तरह की अटकलें लग रही थीं। जब चर्चा बहुत ज्यादा गर्म हुई तो एक तस्वीर सामने की गई, जिसके जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि वह राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क में हैं। उसी साल नवंबर में संसद का सत्र चल रहा था। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस सिमट कर 44 सीटों पर पहुंची थी। लेकिन, राहुल अचानक फिर से गायब हो गई। जब बात संसद में उठी तो कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी कि वो एक सेमिनार के सिलसिले में अमेरिका चले गए हैं।

    2015 में एक बार 60 दिनों के लिए 'गुप्त स्थान' पर चले गए

    2015 में एक बार 60 दिनों के लिए 'गुप्त स्थान' पर चले गए

    फिर अगले साल यानि 2015 में बिहार में पहली बार नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले महागठबंधन की बदौलत चुनौती देने का मौका आया। लेकिन, राहुल गांधी बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले फ्रांस की यात्रा पर चले गए। राहुल ने यह वाक्या इस साल भी बिहार चुनाव (2020 नवंबर) में भी दोहराया और चुनाव प्रचार छोड़कर वह हिमाचल प्रदेश की ठंडी हवाओं का आनंद लेने निकल गए। लेकिन, राहुल गांधी की सबसे लंबी और चर्चित छुट्टी 2015 के फरवरी की रही। वह 60 दिनों तक सार्वजनिक जीवन से गायब होकर सुर्खियां बटोरते रहे। 16 फरवरी से 16 अप्रैल 2015 तक वह सीन से गायब रहे। बाद में पता चला कि कांग्रेस सांसद इतने दिनों तक बैंकॉक (Bangkok), थाइलैंड (Thailand), कंबोडिया (Cambodia), म्यामांर (Myanmar) और वियतनाम (Vietnam)की यात्रा पर गए थे।

    2016 के विधानसभा चुनावों से पहले यूरोप टूर पर गए

    2016 के विधानसभा चुनावों से पहले यूरोप टूर पर गए

    2016 के अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल,असम,तमिलनाडु,पुडुचेरी और केरल में चुनाव होने थे। इनमें से तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं। लेकिन, राहुल गांधी चुनाव तैयारियों से किनारा करके 2015 के दिसंबर-जनवरी (नया साल का जश्न) में यूरोप टूर पर निकल लिए थे। इसकी वजह से संबंधित प्रदेश इकाइयों को चुनाव की तैयारियां फाइनल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़े और उसमें गैरजरूरी देरी हुई।

    नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन और खाट सभा छोड़कर चले गए

    नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन और खाट सभा छोड़कर चले गए

    2016 के 8 नवंबर को मोदी सरकार ने नोटबंदी कर दिया। अगले महीने कांग्रेस (Congress) ने केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का कार्यक्रम बनाया। राहुल गांधी (Rahul Gandhi)उस समय फिर चुपके से न्यू ईयर के जश्न में झूमने के लिए विदेश यात्रा पर चले गए। उनकी गैरमौजूदगी ने कांग्रेस के किए-कराए पर पानी फेर दिया। 2017 के फरवरी-मार्च महीने में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने थे। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथ मैदान में उतरने वाली थी। कुछ महीने पहले ही कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति को प्रशांत किशोर को आउटसोर्स किया था। उन्होंने यूपी में खाट सभा कराने का नायाब प्रयोग किया था। लेकिन, राहुल खाट सभाओं को बीच में ही छोड़कर नए साल के जश्न के लिए लंदन चले गए। कैप्टन अमरिंदर सिंह भी टिकट फाइनल करने के लिए दिल्ली में डेरा डाले रहे, लेकिन राहुल को जश्न से फुर्सत नहीं मिली।

    महाराष्ट्र-हरियाणा में वोटिंग से पहले भी विदेश गए!

    महाराष्ट्र-हरियाणा में वोटिंग से पहले भी विदेश गए!

    2019 के नवंबर महीने में महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव हो रहे थे। खबरों के मुताबिक वोटिंग से ठीक पहले राहुल गांधी एक बार फिर से 'गुप्त' विदेश यात्रा पर चले गए। जब भाजपा ने सियासी वजहों से मोर्चा खोला तो कांग्रेस की ओर से सफाई ये दी गई कि किसी के निजी जीवन को सार्वजनिक जीवन के साथ जोड़ना उचित नहीं है।

    उत्तराखंड आपदा के समय भी विदेश में थे राहुल

    उत्तराखंड आपदा के समय भी विदेश में थे राहुल

    जून, 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ समेत बड़ी इलाके में प्रकृति ने भारी तबाही मचाई थी। कई दिनों तक इस इलाके का संपर्क पूरी दुनिया से टूट गया था। कुदरत ने तब ऐसे जख्म दिए थे, जिसकी टीस वहां की वादियों में आज भी महसूस होती है। लेकिन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी तब भी विदेशों में छुट्टियां मना रहे थे। जबकि उस समय उत्तराखंड में कांग्रेस की ही सरकार थी। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने वहां सक्रिय तौर पर राहत और बचाव करने की पेशकश की थी। लेकिन, राहुल को इसकी फुर्सत नहीं थी।

    'गुप्त' विदेश यात्राओं की फेहरिस्त बहुत ही लंबी

    'गुप्त' विदेश यात्राओं की फेहरिस्त बहुत ही लंबी

    ये तो सिर्फ उन मौकों की बात है,जब राहुल गांधी ऐसे समय में देश से भाग खड़े हुए जब पार्टी को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। लेकिन, जन्मदिन मनाने और दोस्तों के साथ एंजॉय करने के लिए उनकी गुप्त विदेश यात्राओं की फेहरिस्त तो बहुत ही लंबी है। इसमें 2012 में नए साल की छुट्टियों के लिए उनका फ्रांस जाना भी खूब चर्चित हुआ था। इस दौरे में कांग्रेस नेता वहां एक तस्वीर में एक युवती के साथ नजर आए थे। जबकि, जन्म दिन की पार्टियां तो वह इटली से लेकर तुर्की तक में मनाते रहे हैं।

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