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Sainik School को भूल जाइए! RIMC है NDA सेलेक्शन में नंबर 1, एडमिशन मिलते ही पक्की हो जाती है सेना की वर्दी?

Rashtriya Indian Military College RIMC: अगर आप अपने बच्चे को भारतीय सेना में एक शानदार ऑफिसर के रूप में देखना चाहते हैं, तो देहरादून का राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) उनके भविष्य के लिए सबसे मजबूत सीढ़ी साबित हो सकता है। भारतीय सैन्य इतिहास में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखने वाला यह संस्थान केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि देश के रक्षकों की पहली पाठशाला है।

इसे "NDA की नर्सरी" के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां की कठोर ट्रेनिंग और अनुशासित माहौल छात्रों को नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए इस कदर तैयार कर देता है कि सफलता का दर देश में सबसे अधिक रहता है। यहां से निकले छात्र केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता का भी बेजोड़ उदाहरण पेश करते हैं।

Rashtriya Indian Military College RIMC

RIMC का गौरवशाली इतिहास

राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज की स्थापना 13 मार्च 1922 को हुई थी। उस समय इसका नाम 'प्रिंस ऑफ वेल्स रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज' रखा गया था और इसका उद्घाटन ब्रिटेन के प्रिंस एडवर्ड (बाद में किंग एडवर्ड VIII) ने किया था।

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ब्रिटिश काल में इस कॉलेज को बनाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं को उस स्तर की शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण देना था, जिससे वे सेना में अधिकारी बन सकें। उस समय भारतीय सेना में भारतीय अफसरों की कमी को पूरा करने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज कर दिया गया, लेकिन इसका मिशन आज भी वही है-देश को जांबाज और काबिल सैन्य अधिकारी देना।

NDA में सफलता का बेजोड़ रिकॉर्ड

RIMC की सबसे बड़ी खासियत इसका NDA सिलेक्शन रेट है। हर साल इस कॉलेज के 60% से 80% तक छात्र एनडीए की लिखित परीक्षा और एसएसबी इंटरव्यू में सफलता प्राप्त करते हैं। यह आंकड़ा देश के किसी भी अन्य सैनिक स्कूल या मिलिट्री स्कूल के मुकाबले काफी बेहतर है। इसी वजह से इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए "फीडर इंस्टीट्यूट" के रूप में देखा जाता है।

एडमिशन और ट्रेनिंग का स्वरूप

RIMC में दाखिले के नियम और प्रक्रिया काफी कठोर हैं, जो इसकी गुणवत्ता को बनाए रखते हैं:

  • एडमिशन की उम्र: यहां कक्षा 8 में प्रवेश दिया जाता है।
  • सीमित सीटें: साल में दो बार (जनवरी और जुलाई सत्र के लिए) प्रवेश प्रक्रिया होती है, जिसमें पूरे भारत से केवल लगभग 50 छात्रों का ही चयन किया जाता है।
  • ट्रेनिंग: छात्रों को यहां पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, घुड़सवारी, तैराकी, खेल और नेतृत्व के गुण सिखाए जाते हैं।

टफ है RIMC का एंट्रेंस टेस्ट

RIMC में प्रवेश पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसकी चयन प्रक्रिया में शामिल हैं:

  • लिखित परीक्षा: अंग्रेजी, गणित और सामान्य ज्ञान विषयों पर आधारित।
  • साक्षात्कार (Viva-Voce): छात्र के व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को परखने के लिए।
  • मेडिकल परीक्षण: सेना के मानकों के अनुसार शारीरिक फिटनेस की जांच।

क्यों अलग है RIMC?

यह संस्थान बाकी स्कूलों से इसलिए अलग है क्योंकि यहां बच्चों को कम उम्र से ही जिम्मेदारी और अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है। यहां का "गुरु-शिष्य" परंपरा वाला माहौल और 138 एकड़ में फैला हरा-भरा कैंपस छात्रों को आत्म-निर्भर बनाता है। यदि किसी छात्र के मन में बचपन से ही देश सेवा का जज्बा है, तो RIMC उसे एक कच्ची मिट्टी से मजबूत योद्धा में बदलने की क्षमता रखता है।

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