Railway Exam Dress Code: बदल गया पगड़ी-बिंदी का नियम, अब नहीं होगी रोक! रेलवे ड्रेस कोड को लेकर क्या है अपडेट?
Railway Exam Dress Code: रेलवे भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक ऐसा फैसला लिया गया है जो देश की विविध धार्मिक आस्थाओं को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब कोई भी उम्मीदवार परीक्षा के दौरान अपनी धार्मिक पहचान जैसे पगड़ी, बिंदी, या अन्य प्रतीक धारण कर सकता है। इससे पहले इन प्रतीकों पर सख्त पाबंदी थी, जिससे कई बार सिख, मुस्लिम, हिंदू और अन्य धर्मों के अभ्यर्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब रेलवे भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थी पगड़ी, बिंदी और अन्य धार्मिक प्रतीक पहनकर शामिल हो सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस नए फैसले को 'सेक्युलर गाइडलाइन' बताया है। यह बदलाव संविधान में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पहले परीक्षाओं में ऐसे प्रतीकों पर रोक थी, जिससे कई बार उम्मीदवारों को परेशानी झेलनी पड़ती थी।

विश्वास के साथ सख्ती भी बरकरार
रेलवे ने साफ किया है कि धार्मिक प्रतीकों की अनुमति रहेगी, लेकिन इससे परीक्षा की गोपनीयता या निष्पक्षता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा और पारदर्शिता को पहले की तरह मजबूत बनाए रखने के लिए हाईटेक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है।
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आधुनिक तकनीक से नकल पर लगाम
रेलवे अब आधार बेस्ड फेस रिकॉग्निशन, फोटो वैलिडेशन और मोबाइल जैमर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। जून 2025 में हुई परीक्षा में एक भी नकल का मामला सामने नहीं आया, जो इन उपायों की सफलता का संकेत है।
भर्ती प्रक्रिया में कई बदलाव
रेलवे ने सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया और उम्मीदवारों की सुविधा पर भी ध्यान दिया है। अब एक बार का रजिस्ट्रेशन (OTR) सिस्टम लागू किया गया है, जिससे हर बार नए फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।
दिव्यांगजनों को भी राहत
दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए रेलवे ने ऑडियो-सहायता से लैस वेबसाइट शुरू की है, जिससे उन्हें आवेदन में आसानी हो सके।
प्रश्नों की गुणवत्ता पर खास ध्यान
अब परीक्षा के प्रश्न विशेषज्ञों और अनुभवी अनुवादकों की मदद से तैयार किए जा रहे हैं, जिससे अनुवाद की गलतियां या अस्पष्ट सवालों की समस्या न हो।
नई परीक्षा व्यवस्था और सीधी निगरानी
परीक्षा अब टैबलेट और कंप्यूटर बेस्ड मोड में हो रही है, जिससे अधिक पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही, रेल मंत्री खुद भर्ती प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर उम्मीदवारों, कोचिंग संस्थानों और अधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं।
रेलवे का यह कदम न सिर्फ परीक्षा को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बना रहा है, बल्कि अभ्यर्थियों की धार्मिक पहचान और संवेदनाओं का सम्मान भी कर रहा है। यह बदलाव भर्ती प्रक्रिया को और अधिक समावेशी और मानवीय बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
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