DU Fee Hike: दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ना अब और भी महंगा, 6 महीने में दूसरी बार बढ़ी फीस, अब लगेंगे कितने पैसे?
DU Fee Hike 2026: देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में पढ़ना अब और भी महंगा होने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इंस्टीट्यूशन लेवल की फीस में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीते मात्र छह महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया गया है।
इससे पहले जुलाई 2025 में फीस में संशोधन किया गया था, लेकिन अब नई दरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में कुल फीस में 17 प्रतिशत से ज्यादा की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी, जो अपनी किफायती शिक्षा के लिए जानी जाती है, वहां इस तरह की बार-बार होने वाली फीस वृद्धि ने अब कॉलेज प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

Delhi University Fee Hike: 6 महीने में 17% की वृद्धि, क्या है नया गणित?
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2 जनवरी को कॉलेजों को भेजे नए नोटिफिकेशन के जरिए नई फीस संरचना (Fee Structure) लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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- पिछली फीस (जुलाई 2025): 3,500 रुपये
- नई फीस (सत्र 2026-27): 4,100 रुपये यूनिवर्सिटी ने पहले कहा था कि वार्षिक फीस वृद्धि को 10% तक सीमित रखा जाएगा, लेकिन महज छह महीने में ही 17% से अधिक का उछाल प्रशासन के पिछले वादों पर सवाल खड़े कर रहा है।
Delhi University: किस चीज के बढ़े पैसे? (New Fee Breakdown)
नए नोटिफिकेशन के अनुसार, यूनिवर्सिटी फंड के अलग-अलग हिस्सों में वृद्धि की गई है, जो अब कुल मिलाकर 4,100 रुपये हो गई है:
- यूनिवर्सिटी डेवलपमेंट फंड (UDF): 1,750 रुपये
- यूनिवर्सिटी सुविधाएं और सेवाएं चार्ज: 1,750 रुपये
- EWS सपोर्ट यूनिवर्सिटी फंड: 300 रुपये
- यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स वेलफेयर फंड: 300 रुपये
DU Fees: चार साल में दोगुनी से ज्यादा हुई फीस
अगर हम पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फीस में लगातार और तेज बढ़ोतरी देखी जा सकती है। विशेष रूप से 'डेवलपमेंट फंड' और 'सुविधा शुल्क' में भारी इजाफा हुआ है:
- यूनिवर्सिटी डेवलपमेंट फंड: 2022 में जो 900 रुपये था, वह अब 2026 में 1,750 रुपये हो गया है।
- सुविधाएं और सेवाएं चार्ज: 2022 में मात्र 500 रुपये से बढ़कर अब यह 1,750 रुपये तक पहुंच चुका है।
- EWS वेलफेयर फंड: 2022 के 100 रुपये के मुकाबले अब छात्रों को 300 रुपये चुकाने होंगे।
प्रशासन का तर्क और कॉलेजों की चिंता
DU प्रशासन का कहना है कि बढ़ती महंगाई और यूनिवर्सिटी के बढ़ते 'ऑपरेशनल खर्च' को संभालने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए फंड की आवश्यकता है। हालांकि, कॉलेज प्रिंसिपल इस रफ्तार से असहज हैं। एक सीनियर प्रिंसिपल के अनुसार, DU के कई टॉप कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स की प्रति सेमेस्टर फीस अब 30,000 से 40,000 रुपये के बीच पहुंच गई है।
जानकारों का कहना है कि DU एक पब्लिक यूनिवर्सिटी है, जहां देश के हर कोने से और हर आर्थिक स्तर के छात्र आते हैं। ऐसे में बार-बार फीस बढ़ाना मध्यम और निम्न आय वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते कठिन बना सकता है।
छात्रों में बढ़ती बेचैनी
इस फैसले के बाद कैंपस में छात्रों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। छात्रों का तर्क है कि छह महीने के भीतर दो बार फीस बढ़ाना गलत है। कई परिवारों के लिए यह 600 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी महीने के बजट पर असर डालती है, खासकर उन छात्रों के लिए जो दिल्ली जैसे शहर में हॉस्टल या पीजी का खर्च खुद वहन कर रहे हैं।
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