दिमाग के लिए रामबाण औषधि है ब्राह्मी, ऐसे ही नहीं कही जाती ब्रेन बूस्टर, जानें इसके फायदे
नई दिल्ली, 5 सितम्बर। आयुर्वेद सैंकड़ों साल से भारतीयों को हर तरह से स्वस्थ रखने में मददगार रहा है। आयुर्वेद ने सैंकड़ों वर्षों की इस यात्रा में विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों और वनस्पतियों में पाए जाने वाले औषधीय गुणों को पहचाना है और उससे इलाज संभव किया है। ब्राह्मी इसी तरह के औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक औषधि है। दिमाग की सेहत के लिए यह चमत्कारी है। यह याद्दाश्त को तेज करने के काम भी आती है। अपने इन्हीं गुणों के चलते इसे ब्रेन बूस्टर भी कहा जाता है। हम ब्राह्मी के कुछ ऐसे ही उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। खास बात कि यह बहुत आसानी से उपलब्ध होती है और इसे खुद भी लगाकर तैयार किया जा सकता है।

तनाव दूर करने में इस्तेमाल
शरीर में तनाव बढ़ने की प्रमुख वजह कॉर्टिसोल नामक हॉर्मोन है। इस हॉर्मोन का स्तर बढ़ने से तनाव और चिंता जैसी समस्या बढ़ने लगती है। ब्राह्मी का सेवन कॉर्टिसोल हॉर्मोन के स्तर को कम करने में बहुत मददगार होता है। ब्राह्मी को शंखपुष्पी, बादामगिरी और इलायची दाने के साथ पीसकर पीने से यह फायदा पहुंचाती है।
याद्दाश्त के लिए काम की चीज
उम्र के साथ और कभी-कभी कम उम्र में भी याद्दाश्त की समस्या आने लगती है। ब्राह्मी याद्दाश्त की समस्या को दूर करने में बहुत की कारगर है। इसे ऐसे ही ब्रेन बूस्टर नहीं कहते हैं। ब्राह्मी की सूखी पत्तियां और बादामगिरी को बराबर मात्रा में लें और इसे एक चौथाई काली मिर्च के साथ भिगोकर अच्छे से मिक्स कर लें। इसकी छोटी-छोटी गोली बनाकर रख लें और दूध के साथ सुबह शाम लें। छह सप्ताह तक ऐसा करने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
अल्जाइमर का निदान
अल्जाइमर भी दिमाग से जुड़ा रोग है। इसमें रोगी अपनी याद्दाश्त खोने लगता है और हर चीज भूलने लगता है। वैसे तो अल्जाइमर का कई इलाज नहीं है लेकिन ब्राह्मी वटी इसे ठीक करने में काफी मददगार साबित हो सकती है। ब्राह्मी में ऐसे एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से संघर्ष करके आपकी याद्दाश्त को सुरक्षित रखते हैं। कहा जाता है कि यह कैंसर सेल्स को पैदा करने वाले तत्वों को भी नष्ट करती है।
इम्यूनिटी को बढ़ावा
ब्राह्मी वटी में एंटी ऑक्सीडेंट एजेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ब्राह्मी में मौजूद तत्व शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूती देने में बहुत सहायक होते हैं। ब्राह्मी शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने और हृदय संबंधी रोगों से भी सुरक्षा देने में सहायक होती है। ब्राह्मी पाचन संबंधी दिक्कतों को भी दूर करती हैं।












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