महाशिावरात्रि पर करें राशि के मुताबिक भगवान शिव का पूजन
नई दिल्ली। शिवरात्रि का अर्थ है कि आनन्दमयी, कल्याणकारी व दुःख विनाशक रात्रि। प्रत्येक रात्रि एक अल्प मृत्यु के समान होती है, जिसमें हमें बीते हुये दिन के कार्यो का निरीक्षण व परीक्षण करने का सुनहरा अवसर मिलता है। माया के वाह्रय आडम्बर में चहॅुओर से ऐसे घिरे है कि उचित व अनुचित का ख्याल भी नहीं है। सही व गलत का निर्णय करने के लिए हमें सबसे पहले स्वयं को जानना होगा। स्वयं का बोध करने के लिए अतिरिक्त जागरण की जरूरत होती।

कर्तव्य बोध की रात्रि है शिवरात्रि
शिवरात्रि कर्तव्य बोध की रात्रि है, समूचे विश्व के कल्याण कर्ता भगवान शंकर ने हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन करके सृष्टि के सन्तुलन को बनायें रखने में अहम भूमिका निभाई है। हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जंग लड़ने से भी गुरेज नहीं करते है, किन्तु स्वयं के कर्तव्यों से शीघ्र ही विमुख हो जाते है। जब-तक हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन उचित ढ़ग से नहीं करेंगे तब-तक हमारा जीवन खुशियों के रंग से हरा-भरा नहीं होगा।

राशियों के मुताबिक करें, शिव जी को प्रसन्न-
मेष- कनेर के पुष्प और शहद से शिव जी का अभिषेक करनें से कार्य सिद्ध होंगे तथा परिवार में वृद्धि होगी।
वृष- कच्चे दूध में मिश्री मिलाकर शिव जी का पूजन करने से सन्तान का विकास होगा एंव लक्ष्मी जी सदा सहाय रहेगी।
मिथुन- भांग मिश्रित दूध से शिव जी अभिषेक करेंगे तो मनोकामनायें पूर्ण होगी तथा नौकरी व व्यवसाय में प्रगति होगी।
कर्क- घी, शक्कर मिश्रित दूध से अभिषेक करने पर शिव जी प्रसन्न होकर मनचाही सन्तान का अशीर्वाद देते है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

शिव जी का अभिषेक करने पर होगा ऐसा
सिंह- गुलाब जल मिश्रित दूध से शिव जी का अभिषेक करने पर सामाजिक कार्यो में प्रतिष्ठा प्राप्त होगी एंव धन में वृद्धि होगी।
कन्या- धतूरा, गांजा, शमी तथा दही से शिव जी का अभिषेक करने पर शत्रुओं का नाश होगा और रूके हुये कार्यो में प्रगति होगी।
तुला- पंचामृत से शिव जी का अभिषेक करेंगे तो आर्थिक स्थिति में मजबूती आयेगी एंव सन्तान सुशिक्षित व आज्ञाकारी होगी।
वृश्चिक- दूध में बिल्वपत्र मिलाकर शिव जी का अभिषेक करने से दुःख व कष्ट दूर होकर घर में सुखद वातावरण बना रहेगा।

ऐसा करने से मिटेंगे घर के क्लेश
धनु- दूध में कनेर के फूल व शहद मिलाकर शिव जी का अभिषेक करने से रिश्तों में मजबूती आती है एंव व्यवसाय में प्रगतिशीलता आयेगी।
मकर- गन्ने के रस से शिव जी का अभिषेक करने पर परिवार में सुख व समृद्धि आयेगी तथा शरीर में निरोग्यता आयेगी।
कुम्भ- खीर से शिव जी का अभिषेक करने से घर के क्लेश मिटते है एंव सन्तान सही मार्ग पर चलती है।
मीन- दूध में भांग, तुलसी, गन्ने का रस , मौलगिरी व कटेली के पुष्प मिलाकर शिव जी का अभिषेक करने से सभी प्रकार की बाॅधायें समाप्त होती, भय दूर होता है एंव आय के स्रोत बनते है।












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